Jio Platforms IPO ने रचा इतिहास! 3 दिन में 22 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन, 1 करोड़ से अधिक आवेदन मिलने का दावा
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, तीन दिन की बिडिंग के दौरान इस इश्यू को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। दावा है कि IPO को एक करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो इसे वैश्विक IPO बाजार में एक बड़ा रिकॉर्ड बनाता है।आंकड़ों के अनुसार, ऑफर पर रखे गए करीब 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 438 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। संस्थागत निवेशकों से लेकर रिटेल निवेशकों तक, अलग-अलग श्रेणियों में इस इश्यू को अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की ओर से सबसे ज्यादा मांग दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस श्रेणी का आरक्षित हिस्सा 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ।वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) की श्रेणी 14 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) का हिस्सा 2.72 गुना भरा।इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस IPO में खास दिलचस्पी दिखाई। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े अपने आप में लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं देते।
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के 7 बड़े रिकॉर्ड
1. बोलियों की कुल रकम में बड़ा रिकॉर्ड
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, एंकर बुक सहित IPO के लिए कुल शेयर मांग लगभग ₹7.4 लाख करोड़ रही। इसमें सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के तहत ₹4.9 लाख करोड़ से अधिक की बोलियां मिलने का दावा किया गया है।
2. एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिलने का दावा
इस IPO को एक करोड़ से अधिक व्यक्तिगत निवेशक आवेदन मिलने की बात कही गई है। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह वैश्विक IPO बाजार के लिहाज से एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी।
3. ₹30,213 करोड़ का इश्यू साइज
दिए गए विवरण के मुताबिक, IPO का कुल आकार ₹30,213 करोड़ है। इस आंकड़े के आधार पर इसे भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल बताया गया है।
4. फ्रेश इश्यू पर आधारित इश्यू
जानकारी के अनुसार, इस इश्यू में नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाने की व्यवस्था रखी गई है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाला पैसा कंपनी को मिलता है, जिसका इस्तेमाल कारोबार के विस्तार और अन्य निर्धारित जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
5. पहले ही दिन तेजी से हुआ पूरा सब्सक्रिप्शन
दावे के मुताबिक, IPO खुलने के 100 मिनट से भी कम समय में पूरा सब्सक्राइब हो गया था। इतनी तेज मांग निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाती है।
6. बिडिंग का समय बढ़ाया गया
भारी आवेदन संख्या को संभालने के लिए एक्सचेंजों ने इस IPO की बिडिंग विंडो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक रखी थी। यह व्यवस्था सामान्य कारोबारी समय से अलग बताई गई है।
7. संभावित मार्केट वैल्यूएशन पर नजर
दिए गए विवरण में ₹1,119 प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ बताया गया है। वास्तविक बाजार मूल्य शेयर की लिस्टिंग और उसके बाद के कारोबार पर निर्भर करेगा।
फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर है?
फ्रेश इश्यू: कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाती है। यह रकम कंपनी को मिलती है और इसका इस्तेमाल कारोबार की जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं। बिक्री से मिलने वाला पैसा शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलता है, कंपनी को नहीं।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं ये आंकड़े?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में बताई गई भारी मांग निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी की ओर इशारा करती है। लेकिन निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं, वैल्यूएशन और बाजार के जोखिमों को समझना जरूरी है।