Jio Platforms IPO: आईपीओ में 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां, जुटाई रकम से कर्ज चुकाएगी कंपनी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। पब्लिक इश्यू में एंकर निवेशकों को आवंटित शेयरों को छोड़कर 4.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं। रिटेल निवेशकों ने भी 25,867 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदने की मांग की। इस आईपीओ के लिए आए आवेदनों की संख्या ने अक्टूबर 2024 में वारी एनर्जीज के आईपीओ में बने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि बोलियों की कुल रकम निवेशकों की ओर से मांगे गए शेयरों का मूल्य बताती है। इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी इतनी ही राशि जुटाएगी।
पूरी तरह नए शेयर जारी कर रही है कंपनी
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू पर आधारित है। इसके तहत कंपनी ने 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए हैं।
ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी इस आईपीओ से करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इस कीमत पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 108 अरब डॉलर होगा। इश्यू में रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं।
कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए।
आईपीओ से मिली रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगाएगी।
कंपनी की योजना के मुताबिक, जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक कर्ज भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। शेष राशि का उपयोग तकनीक और डिजिटल सेवाओं में निवेश, पूंजीगत खर्च तथा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
डिजिटल सर्विसेज और AI पर कंपनी का फोकस
जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4% हिस्सेदारी है। कंपनी का कारोबार टेलीकॉम सेवाओं के अलावा डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने और कारोबार के विस्तार में किया जाना कंपनी की आगे की योजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले आईपीओ के आधिकारिक दस्तावेजों, जोखिमों और कंपनी की वित्तीय स्थिति का अध्ययन करना चाहिए।