Jio IPO दूसरे दिन 3.50 गुना सब्सक्राइब, ₹1,377 पर लिस्टिंग की उम्मीद; जानें कितना लगाना होगा पैसा
देश के सबसे बड़े आईपीओ जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूसरे दिन 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक यह आईपीओ 3.50 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 69.08 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।सबसे ज्यादा दिलचस्पी संस्थागत निवेशकों ने दिखाई। इस कैटेगरी का हिस्सा 9.42 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों का कोटा 2.42 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना भर चुका था। यह आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए ₹8,110 करोड़
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए कुल ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों को शेयर आवंटित करके ₹8,110 करोड़ जुटा लिए थे।एंकर निवेशकों के हिस्से को हटाने के बाद आम निवेशकों और संस्थागत खरीदारों के लिए करीब ₹22,103 करोड़ का इश्यू उपलब्ध है। इसी हिस्से के लिए निवेशक लगातार बोलियां लगा रहे हैं।
पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
आईपीओ को पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को भी मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। पहले दिन यह 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आई थीं।दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की ओर से आई भारी मांग के चलते सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा बढ़कर 3.50 गुना हो गया।
IPO में निवेश के लिए कम से कम ₹13,428 चाहिए
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों को आवेदन करते समय तय लॉट साइज के हिसाब से पैसा लगाना होगा।
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प्राइस बैंड: ₹1,065–₹1,119 प्रति शेयर
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न्यूनतम निवेश: करीब ₹13,428
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अधिकतम आवेदन: 14 लॉट यानी 168 शेयर
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अधिकतम निवेश: अपर प्राइस बैंड के हिसाब से करीब ₹1.87 लाख
निवेश करने से पहले आईपीओ के दस्तावेजों और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर समझें।
₹1,377 पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग
आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर का प्रीमियम यानी GMP करीब ₹258 प्रति शेयर बताया गया है। यह अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के मुकाबले लगभग 23% है।
इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹1,377 बनती है।
हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है। यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। लिस्टिंग पर बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग का असर पड़ सकता है।
IPO से मिली रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% होने का अनुमान है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी।
क्या होता है एंकर बुक?
आईपीओ में बड़े निवेशकों, जैसे म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशकों और बीमा कंपनियों के लिए एक विशेष कोटा रखा जाता है। आईपीओ आम जनता के लिए खुलने से पहले इन निवेशकों को शेयर आवंटित किए जा सकते हैं। इसे एंकर बुक कहा जाता है।
इसे कंपनी के आईपीओ का एक तरह का शुरुआती परीक्षण भी माना जाता है। बड़े निवेशकों की भागीदारी से बाजार में कंपनी के प्रति भरोसे का संकेत मिल सकता है। हालांकि, एंकर निवेशकों की भागीदारी भी इस बात की गारंटी नहीं होती कि आईपीओ से मुनाफा ही होगा।