इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, फुटेज में जानें अब हवाई यात्रा होगी महंगी
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने यात्रियों को झटका देते हुए अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने यह अतिरिक्त शुल्क 14 मार्च 2026 से लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद विमान टिकटों की कीमतें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।
एयरलाइन ने बताया कि यह कदम एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण उठाया गया है। हाल के समय में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत काफी बढ़ गई है।
425 से ₹2,300 तक लगेगा अतिरिक्त शुल्क
इंडिगो ने अलग-अलग रूट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज तय किया है।
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घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप की उड़ानों पर लगभग ₹425 अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
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मध्य-पूर्व जाने वाली उड़ानों पर करीब ₹900 का फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है।
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दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन और अफ्रीका की उड़ानों पर यह शुल्क लगभग ₹1,800 होगा।
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यूरोप जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर यात्रियों को करीब ₹2,300 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
एयरलाइन के अनुसार ईंधन की कीमतों में अचानक आई वृद्धि के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। कंपनी का कहना है कि वास्तविक लागत वृद्धि इससे भी ज्यादा है, लेकिन यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े इसलिए सीमित सरचार्ज लगाया गया है।
एयर इंडिया के बाद इंडिगो का फैसला
इंडिगो से पहले Air India भी अपने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा कर चुकी है। एयरलाइंस का कहना है कि जेट फ्यूल उनकी कुल ऑपरेटिंग लागत का करीब 30–40% हिस्सा होता है, इसलिए ईंधन की कीमत बढ़ने से टिकट कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इससे जेट फ्यूल की कीमतों में भी तेज उछाल आया है और कई एयरलाइंस को अपने खर्चों को संतुलित करने के लिए किराए या सरचार्ज बढ़ाने पड़ रहे हैं।
एयरलाइंस का कहना है कि अगर ईंधन की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो आने वाले समय में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है। फिलहाल इंडिगो ने कहा है कि वह हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी किराए में बदलाव किया जा सकता है।