भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता, वीडियो में देखें भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैक्स में बड़ी कटौती, BTA की राह हुई आसान
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement–ITA) का फ्रेमवर्क जारी कर द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति दी है। इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाला औसत टैक्स 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। इस फैसले को भारत के लिए बड़ी राहत और व्यापारिक मोर्चे पर अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
दोनों देशों ने संयुक्त रूप से कहा है कि इस अंतरिम फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और इसके आधार पर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement–BTA) की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई BTA वार्ता को आगे बढ़ाने का काम करेगा और भविष्य में एक स्थायी व व्यापक समझौते का आधार बनेगा।
इस समझौते में आगे चलकर बाजार तक पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और व्यापारिक बाधाओं (ट्रेड बैरियर) को कम करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर लगने वाले कई टैरिफ को या तो पूरी तरह समाप्त करेगा या उनमें उल्लेखनीय कटौती करेगा। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के उद्योगों को आपसी सहयोग और निवेश के नए अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह फ्रेमवर्क भारतीय निर्यातकों के लिए करीब 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी बाजार को खोलने की क्षमता रखता है। गोयल के मुताबिक, टैक्स में भारी कटौती से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे खासकर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फार्मा, ऑटो कंपोनेंट और आईटी से जुड़े क्षेत्रों को फायदा होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से तेल आयात को लेकर लगाए गए अतिरिक्त टैक्स को हटाना भी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्वतंत्र विदेश और व्यापार नीति को भी समर्थन मिलेगा।
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। अमेरिका भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और दोनों देश आपसी व्यापार को अगले कुछ वर्षों में और ऊंचे स्तर पर ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। अंतरिम व्यापार समझौते का यह फ्रेमवर्क उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
ITA फ्रेमवर्क से दोनों देशों के बीच भरोसा और आर्थिक साझेदारी मजबूत होने की उम्मीद है। आने वाले समय में BTA को अंतिम रूप दिए जाने के साथ भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।