चांदी में ₹1500 से ज्यादा की भारी तेजी! रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे भाव, खरीदने से पहले चेक करें अपने शहर की रेट लिस्ट
भारत में सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय नहीं होती। अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। इसके पीछे कई स्थानीय कारण होते हैं।
ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा खर्च: एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में परिवहन, ईंधन और सुरक्षा का खर्च शामिल होता है। दूरी बढ़ने के साथ ये लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर कीमत पर पड़ता है।
स्थानीय मांग और खरीदारी: देश के कुछ हिस्सों में सोने की मांग ज्यादा है। दक्षिण भारत में सोने की खपत का हिस्सा काफी बड़ा माना जाता है। बड़ी मात्रा में खरीदारी होने के बावजूद स्थानीय बाजार की मांग-सप्लाई और व्यापारिक परिस्थितियों के कारण ग्राहकों को मिलने वाली कीमत अलग हो सकती है।
स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन: अलग-अलग राज्यों और शहरों में ज्वेलरी कारोबार से जुड़े संगठन स्थानीय बाजार की परिस्थितियों, मांग और सप्लाई को ध्यान में रखते हुए कारोबारियों के लिए संदर्भ दरें तय कर सकते हैं।
पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: किसी ज्वेलर ने पुराना सोना किस कीमत पर खरीदा था, इसका असर भी उसकी बिक्री कीमत पर पड़ सकता है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य शुल्क भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
इस साल सोना महंगा, चांदी में गिरावट
2026 में सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1.49 लाख रुपये हो गई है। यानी सोने में लगभग 15,488 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो अब लगभग 2.22 लाख रुपये रह गई है। इस हिसाब से चांदी में करीब 8,466 रुपये की गिरावट दर्ज हुई है।इस दौरान सोने और चांदी दोनों ने अपने उच्चतम स्तर भी देखे। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोना करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑलटाइम हाई तक पहुंची थी।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर देखें: सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क वाले आभूषण को प्राथमिकता दें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क वाले सोने पर शुद्धता से जुड़ी पहचान और यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड भी दर्ज होता है।भाव और वजन की जांच करें: खरीदारी से पहले सोने का वजन और उस दिन का बाजार भाव जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज और टैक्स कितना लगाया जा रहा है, यह भी बिल में जरूर देखें।
चांदी असली है या नहीं, कैसे पहचानें?
चांदी की शुद्धता जांचने के लिए सिर्फ घरेलू टेस्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मैग्नेट टेस्ट जैसे तरीकों से कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन इससे चांदी की शुद्धता की पक्की पुष्टि नहीं होती।बर्फ या कपड़े से किया जाने वाला टेस्ट भी निर्णायक प्रमाण नहीं है। चांदी की वास्तविक शुद्धता जानने के लिए हॉलमार्क, बिल और विश्वसनीय ज्वेलर की जांच पर भरोसा करना ज्यादा बेहतर है।इसलिए सोना या चांदी खरीदते समय सिर्फ बाजार भाव ही नहीं, बल्कि शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज, टैक्स और खरीद की रसीद की भी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।