Haryana Farmers Scheme: किसानों को सिर्फ 63 पैसे में मिलेगा 50 हजार रुपये तक का दुर्घटना बीमा, जानें पूरी योजना
खेती-किसानी के दौरान दुर्घटना होने पर किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को दुर्घटना में मृत्यु या पूरी तरह स्थायी विकलांगता होने पर अधिकतम 50,000 रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। खास बात यह है कि किसान को इसके लिए सालभर में केवल 63 पैसे का प्रीमियम देना होगा।
करीब 5 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
हरियाणा राज्य सहकारी अपेक्स बैंक लिमिटेड यानी हरको बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना को लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत लगभग 5 लाख पात्र किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को एक साल के लिए दुर्घटना बीमा सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना को लागू करने के लिए हरको बैंक ने केंद्रीय सहकारी बैंकों और इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौता किया है। इसका लाभ उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा, जिनका हरको बैंक के माध्यम से सक्रिय KCC खाता है। बीमा राशि का भुगतान निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
दुर्घटना होने पर कितना मिलेगा बीमा?
योजना के तहत दुर्घटना से होने वाले नुकसान के आधार पर बीमा राशि निर्धारित की गई है।
- दुर्घटना में मृत्यु: 50,000 रुपये तक।
- पूरी तरह स्थायी विकलांगता: 50,000 रुपये तक।
- दोनों हाथ-पैर या दोनों आंखों को नुकसान: 50,000 रुपये तक।
- एक हाथ-पैर या एक आंख को नुकसान: 25,000 रुपये तक।
इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। हालांकि, बीमा का लाभ नुकसान की निर्धारित श्रेणी और योजना की शर्तों के आधार पर ही मिलेगा।
सालाना प्रीमियम में किसान को देने होंगे सिर्फ 63 पैसे
इस योजना की सबसे खास बात इसका बेहद कम प्रीमियम है। एक किसान के लिए सालाना प्रीमियम 1.90 रुपये तय किया गया है। इसमें से 1.27 रुपये हरको बैंक और केंद्रीय सहकारी बैंक मिलकर वहन करेंगे, जबकि किसान को केवल 63 पैसे देने होंगे।
इस तरह बेहद कम खर्च में पात्र किसानों को दुर्घटना बीमा सुरक्षा मिल सकती है। हालांकि, यह बीमा सभी प्रकार की चोटों या हर दुर्घटना में लागू नहीं होगा। मुआवजे की राशि संबंधित नुकसान और बीमा नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
दुर्घटना के 120 दिनों के भीतर करना होगा दावा
बीमा का लाभ लेने के लिए समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। दुर्घटना होने पर इसकी सूचना 120 दिनों के भीतर संबंधित बैंक शाखा या बीमा कंपनी को लिखित रूप में देनी होगी। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
दावा करते समय इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर FIR या DDR की कॉपी।
- सरकारी अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट।
- स्थायी विकलांगता की स्थिति में संबंधित प्रमाण पत्र।
- मृत किसान के कानूनी उत्तराधिकारी का प्रमाण।
- आधार कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड खाते से संबंधित दस्तावेज।
किसानों को सलाह दी जाती है कि दुर्घटना होने पर जल्द से जल्द संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें और दावा प्रक्रिया, पात्रता तथा जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करें। इससे निर्धारित समय सीमा के भीतर बीमा का दावा करने में मदद मिलेगी।