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ग्लोबल सुस्ती के बीच बड़ी खुशखबरी! वर्ल्ड बैंक ने बढ़ाया भारत की GDP का अनुमान, जानिए अर्थव्यवस्था की रफ्तार का सीक्रेट

 

भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, देश की आर्थिक ग्रोथ को सबसे ज्यादा मजबूती निवेश और घरेलू खपत से मिल रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मांग बढ़ने के साथ एक्सपोर्ट और इंडस्ट्रियल सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन भी इकोनॉमी के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।

गांव और शहरों में बढ़ी मांग

वर्ल्ड बैंक के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में अच्छी खेती, किसानों को मिलने वाली सरकारी सहायता और सब्सिडी से मांग को मजबूती मिली है। वहीं, टैक्स में राहत और जीएसटी में कटौती के बाद शहरी क्षेत्रों में भी लोगों की खपत बढ़ी है।इससे घरेलू बाजार में मांग मजबूत हुई है और इसका सीधा फायदा आर्थिक गतिविधियों को मिल रहा है।

ग्लोबल चुनौतियों के बीच एक्सपोर्ट का बेहतर प्रदर्शन

वैश्विक स्तर पर व्यापार से जुड़ी चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के एक्सपोर्ट ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसे वित्त वर्ष 2026-27 यानी FY27 की आर्थिक ग्रोथ के लिए एक बड़ा सकारात्मक फैक्टर माना जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर ने भी पकड़ी रफ्तार

सप्लाई साइड पर भी भारतीय इंडस्ट्रियल सेक्टर ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स की ग्रोथ बढ़कर 7.2% हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 6.1% थी।भीषण गर्मी के दौरान बिजली की मांग बढ़ने से यूटिलिटी सेक्टर को भी फायदा मिला। इस दौरान इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर ने 9.3% की ग्रोथ दर्ज की।

FY26 में 7.8% रही थी आर्थिक ग्रोथ

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था FY25 में 7.2% की दर से बढ़ी थी। इसके बाद FY26 में ग्रोथ बढ़कर 7.8% पहुंच गई। बेहतर नीतियों और आसान क्रेडिट परिस्थितियों ने वैश्विक व्यापार से जुड़े दबावों के असर को कम करने में मदद की।FY27 की पहली तिमाही में भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8% की ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में विकास दर में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद है।

IMF ने भी भारत की ग्रोथ की तारीफ की

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की है। IMF के अनुसार, मजबूत सर्विसेज सेक्टर और बेहतर एक्सपोर्ट के दम पर अप्रैल-जून तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही।ऊर्जा संकट और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार बनी हुई है। यही वजह है कि भारत को वैश्विक आर्थिक विकास के प्रमुख इंजनों में से एक माना जा रहा है।