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सोने-चांदी के खरीदारों के लिए खुशखबरी! तीन दिन में धड़ाम हुए दाम, 3000 रुपये सस्ता हुआ सोना; चांदी भी 6000 रुपये लुढ़की

 

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। 14 अक्टूबर को दोनों कीमती धातुओं के दाम लगातार तीसरे दिन नीचे आए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,272 रुपये घटकर करीब 1.46 लाख रुपये रह गई है। वहीं, एक किलो चांदी का भाव 4,646 रुपये गिरकर करीब 2.20 लाख रुपये पर आ गया है।

पिछले तीन दिनों के दौरान सोने की कीमत में करीब 3,000 रुपये और चांदी में लगभग 6,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। कीमतों में लगातार आ रही इस कमी से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।

सितंबर में भी खूब सस्ता हुआ था सोना-चांदी

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख सितंबर महीने में भी देखने को मिला था। उस दौरान सोने का भाव करीब 8,000 रुपये और चांदी की कीमत लगभग 15,000 रुपये कम हुई थी।

31 अगस्त को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.56 लाख रुपये थी, जो 30 सितंबर तक घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गई। इसी तरह, एक किलो चांदी का भाव 2.37 लाख रुपये से गिरकर करीब 2.22 लाख रुपये पर पहुंच गया था।

अब अक्टूबर में भी कीमतों में गिरावट जारी रहने से बाजार में निवेशकों और आम खरीदारों की नजरें सोने-चांदी के अगले रुख पर टिकी हैं।

क्या अभी और सस्ता होगा सोना-चांदी?

सोने और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं।

1. अमेरिकी ब्याज दरों का असर: ब्याज दरों में बदलाव से सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने या ऊंची बने रहने से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों, जैसे सोने, पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, इसका असर डॉलर और बाजार की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।

2. वैश्विक तनाव से मिल सकता है सहारा: अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं। इससे कीमतों को समर्थन मिल सकता है।

3. आगे भी बना रह सकता है उतार-चढ़ाव: बाजार में मौजूदा गिरावट के बाद कीमतें और नीचे जाएंगी या दोबारा तेजी आएगी, यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के रुझान और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।

ध्यान दें कि सोने-चांदी की कीमतों में आगे कितनी गिरावट आएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। खरीदारी से पहले ताजा भाव की जांच करना जरूरी है।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क जरूर जांचें

ज्वेलरी खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और HUID कोड जरूर जांचें। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। केवल दुकानदार के दावे पर भरोसा करने के बजाय हॉलमार्क की प्रामाणिकता भी जांचें।

2. अलग-अलग जगह भाव की तुलना करें

सोना खरीदने से पहले IBJA के भाव और स्थानीय ज्वेलर्स की कीमतों की तुलना करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं। इसके अलावा, ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी जुड़ सकते हैं, इसलिए अंतिम बिल जरूर देखें।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर सामान्य चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं होती।

2. आइस टेस्ट: चांदी की ऊंची तापीय चालकता के कारण उसके संपर्क में रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। फिर भी, यह अकेले प्रामाणिकता साबित करने का तरीका नहीं है।

3. गंध की जांच: शुद्ध चांदी में आमतौर पर तेज धात्विक गंध नहीं होती। लेकिन गंध के आधार पर असली और नकली चांदी में अंतर करना भरोसेमंद तरीका नहीं है।

4. कपड़े से जांच: कुछ चांदी की वस्तुओं को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है। हालांकि, यह निशान न आने का मतलब यह नहीं कि चांदी नकली है।

चांदी की शुद्धता की सही जांच के लिए हॉलमार्क, उपलब्ध प्रमाणपत्र और विश्वसनीय ज्वेलर की सहायता लेना बेहतर है।