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Gold-Silver Rate Update: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोना-चांदी स्थिर; जानिए बाजार का ताजा रुख

 

बुधवार, 16 सितंबर को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, जबकि चांदी में तेजी दर्ज की गई। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और मजबूत डॉलर ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाए रखा, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई की चिंता भी बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX सोना 4,329.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद भाव 4,333.50 डॉलर के मुकाबले करीब 3.50 डॉलर यानी 0.08% की गिरावट है। कारोबार के दौरान सोने ने 4,339.50 डॉलर का ऊपरी और 4,315.20 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

दूसरी ओर, COMEX चांदी में 0.59% की तेजी देखी गई और यह 64.235 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी 64.185 डॉलर पर बंद हुई थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 64.480 डॉलर का उच्चतम और 63.940 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर देखा।

घरेलू बाजार में सोना सस्ता

भारत में भी सोने की कीमतों में हालिया कमजोरी देखने को मिली है। PTI के मुताबिक, मंगलवार 15 सितंबर को नई दिल्ली में सोने की कीमत 1,000 रुपये गिरकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसके साथ ही सोना एक महीने से ज्यादा समय के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर स्थिर रही।

विश्लेषकों के मुताबिक, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड सोने पर दबाव डाल रही है। मंगलवार को अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के पार चली गई थी। हालांकि, बुधवार के एशियाई कारोबार में इसमें थोड़ी नरमी देखने को मिली।

डॉलर इंडेक्स भी करीब दो सप्ताह के ऊपरी स्तर पर बना हुआ था। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए मजबूत डॉलर का असर सोने की मांग और कीमतों पर पड़ सकता है।

इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।

अब Fed के फैसले पर बाजार की नजर

अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले और आगे की नीति के संकेतों पर है। फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेत डॉलर और बॉन्ड यील्ड को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर देखने को मिल सकता है।

भारत के सोना-चांदी आयात के आंकड़े

कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत का सोना आयात सालाना आधार पर 57.75% घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया। इसके विपरीत, चांदी का आयात 127% बढ़कर 1.02 अरब डॉलर पहुंच गया।

अप्रैल से अगस्त 2026-27 के दौरान भारत का सोना आयात 3.38% बढ़कर 17.47 अरब डॉलर हो गया। ऐसे में आने वाले दिनों में फेड के फैसले, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल सोने-चांदी की कीमतों के लिए अहम संकेतक रहेंगे।