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Gold-Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव में गिरावट, जानें 10 ग्राम गोल्ड और 1 किलो सिल्वर की कीमत

 

सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए 13 अक्टूबर को मामूली राहत देखने को मिली है। दोनों कीमती धातुओं के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई। Bullions.co.in के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए 1,49,760 रुपये रही। वहीं, चांदी का भाव 2,23,280 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दिखाई दी। कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव 0.02% गिरकर 4,189.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी का वायदा भाव 0.34% फिसलकर 60.31 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी पर दबाव

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आगामी महंगाई आंकड़ों पर है, जिनसे भविष्य की मौद्रिक नीति के बारे में संकेत मिल सकते हैं।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में दूसरी मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड की ऊंची यील्ड भी सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बना सकती है।

कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ा रहीं चिंता

पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार के लिए अहम कारक बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का भाव 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया और दो सप्ताह के ऊंचे स्तर के करीब रहा।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है। ब्याज दरों को लेकर इसी अनिश्चितता का असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ रहा है।

अब किन संकेतों पर रहेगी निवेशकों की नजर?

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई अहम कारकों से तय हो सकती है। इनमें अमेरिका के महंगाई आंकड़े, फेडरल रिजर्व के बयान, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड शामिल हैं।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। ईरान के साथ बातचीत में प्रगति से जुड़ी टिप्पणियों के बाद तेल और महंगाई को लेकर चिंताओं में कुछ नरमी आने की बात भी सामने आई है।

कुल मिलाकर, सोने-चांदी के खरीदारों और निवेशकों के लिए आगे अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और वैश्विक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे। हालांकि, रोजाना के भाव में होने वाला बदलाव अलग-अलग शहरों, टैक्स और स्थानीय बाजार की स्थितियों के कारण भिन्न हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश की सलाह नहीं। सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश या खरीदारी से पहले ताजा स्थानीय भाव की पुष्टि करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।