Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 10 ग्राम गोल्ड ₹1,540 तक सस्ता; चांदी भी ₹5,000 टूटी
सोने और चांदी की कीमतों में 23 अक्टूबर 2026 को गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1,540 रुपये सस्ता होकर 1,44,530 रुपये पर आ गया। वहीं, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी कमी आई है। चांदी का भाव भी पिछले दिन के मुकाबले करीब 5,000 रुपये गिरकर 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है।
कीमती धातुओं की कीमतों में इस गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे लोगों की नजर बाजार के अगले रुख पर है।
आज 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्टूबर और 23 अक्टूबर की कीमतों में यह बदलाव हुआ है।
| सोने की शुद्धता |
22 अक्टूबर का भाव (10 ग्राम) |
23 अक्टूबर का भाव (10 ग्राम) |
गिरावट |
| 24 कैरेट |
₹1,46,070 |
₹1,44,530 |
₹1,540 |
| 22 कैरेट |
₹1,33,890 |
₹1,32,500 |
₹1,390 |
| 18 कैरेट |
₹1,09,550 |
₹1,08,440 |
₹1,110 |
ये कीमतें उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों पर आधारित हैं। शहर, ज्वेलर, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के हिसाब से ग्राहकों को भुगतान की जाने वाली अंतिम रकम अलग हो सकती है।
चांदी के भाव में भी गिरावट
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 अक्टूबर को चांदी का भाव 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इस हिसाब से 100 ग्राम चांदी की कीमत 22,500 रुपये बैठती है।
पिछले दिन के मुकाबले चांदी के भाव में करीब 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट बताई गई है। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।
आखिर क्यों सस्ता हो रहा है सोना-चांदी?
सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की संभावनाओं और महंगाई से जुड़ी चिंताओं का असर पड़ता है।
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, PL Capital में कमोडिटीज प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के साथ ऊंची ब्याज दरों की आशंकाएं सोने की कीमतों पर दबाव बना रही हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने-चांदी के आकर्षण को प्रभावित कर सकती है।
चांदी पर औद्योगिक मांग का असर भी पड़ता है। यदि ऊंची ब्याज दरों के कारण आर्थिक गतिविधियां और औद्योगिक मांग कमजोर पड़ती हैं, तो इसकी कीमतों पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर
Lemonn में रिसर्च प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक, बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की बैठक और आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत सोने और चांदी की कीमतों की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
भारत में इन धातुओं के घरेलू भाव पर रुपये और डॉलर की विनिमय दर, अंतरराष्ट्रीय कीमतों, आयात लागत और करों का भी असर पड़ता है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने-चांदी के भाव में गिरावट के बावजूद खरीदारी का फैसला केवल एक दिन की कीमत देखकर नहीं करना चाहिए। निवेश या आभूषण खरीदने से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव, शुद्धता, हॉलमार्क और लागू करों की जानकारी जरूर लें। कीमतें दिन के दौरान भी बदल सकती हैं।