धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, सोना ₹2,328 महंगा; चांदी भी ₹1,749 चढ़ी, जानें आज के ताजा भाव
धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से अहम खबर है। 5 नवंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,328 रुपये बढ़कर करीब 1.44 लाख रुपये पर पहुंच गया है। इससे पहले 4 नवंबर को सोना करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।वहीं, चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक किलो चांदी 1,749 रुपये महंगी होकर करीब 1.88 लाख रुपये पर पहुंच गई है। बुधवार को इसका भाव लगभग 1.86 लाख रुपये प्रति किलो था। त्योहारों के मौसम में कीमतों में आई इस तेजी से उन लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है, जो धनतेरस पर सोने-चांदी के गहने या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं।
इस साल सोने में तेजी, जबकि चांदी हुई सस्ती
साल 2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.44 लाख रुपये हो गई है। इस तरह सोना सालभर में करीब 10,755 रुपये महंगा हुआ है।
इसके उलट चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपये था, जो अब घटकर लगभग 1.88 लाख रुपये रह गया है। यानी इस दौरान चांदी करीब 42,538 रुपये सस्ती हुई है।हालांकि, इसी साल 29 जनवरी को सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस समय सोना करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।
अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं?
अक्सर देखा जाता है कि एक ही दिन में अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर होता है। इसके पीछे कई वजहें होती हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा का खर्च: सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन, बीमा और सुरक्षा पर खर्च होता है। यह लागत स्थानीय बिक्री कीमत को प्रभावित कर सकती है।
2. खरीदारी की मात्रा और स्थानीय मांग: अलग-अलग राज्यों में सोने की मांग और खरीदारी का पैटर्न अलग होता है। जहां मांग ज्यादा होती है, वहां ज्वेलर्स की खरीद और स्टॉक मैनेजमेंट का तरीका भी अलग हो सकता है।
3. स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन: कई शहरों में स्थानीय सर्राफा और ज्वेलरी एसोसिएशन बाजार की मांग, सप्लाई और अन्य स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अपने संकेतात्मक भाव जारी करते हैं।
4. ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक: दुकानदार ने सोना किस कीमत पर खरीदा था और उसके पास कितना पुराना स्टॉक है, इसका असर भी बिक्री कीमत पर पड़ सकता है।
धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले इन 2 बातों का रखें ध्यान
त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें: सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता जरूर जांचें। BIS हॉलमार्क और HUID नंबर देखकर यह सुनिश्चित करें कि गहना निर्धारित शुद्धता के मानकों के अनुरूप है। केवल दुकानदार की बात पर भरोसा न करें।
2. खरीदारी से पहले कीमत की तुलना करें: ज्वेलरी खरीदने से पहले IBJA के भाव और अलग-अलग दुकानों के रेट जरूर चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी बिल में जांचें।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन और गहने खरीदने का चलन है। ऐसे में चांदी की शुद्धता पहचानना भी जरूरी है। कुछ सामान्य जांच के तरीके इस प्रकार हैं:
1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी चुंबक से सामान्य तौर पर आकर्षित नहीं होती। हालांकि, सिर्फ इस टेस्ट के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का फैसला नहीं करना चाहिए।
2. आइस टेस्ट: चांदी गर्मी की अच्छी चालक होती है, इसलिए इसके संपर्क में रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन यह जांच भी पूरी तरह प्रमाणित तरीका नहीं है।
3. गंध की जांच: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास गंध नहीं होती। हालांकि, गंध के आधार पर इसकी शुद्धता तय करना भरोसेमंद तरीका नहीं है।
4. कपड़े से रगड़ने की जांच: चांदी पर समय के साथ ऑक्सिडेशन के कारण काली परत बन सकती है। इसे सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है। लेकिन यह निशान आना असली चांदी होने का पक्का प्रमाण नहीं है।
चांदी खरीदते समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता की जानकारी और पक्का बिल जरूर लें। जरूरत पड़ने पर अधिकृत जांच केंद्र से इसकी शुद्धता की पुष्टि कराएं।
धनतेरस पर खरीदारी से पहले क्या करें?
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के बीच ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे खरीदारी से पहले रोजाना का भाव चेक करें। ज्वेलरी की कीमत में सोने या चांदी के वास्तविक वजन के साथ मेकिंग चार्ज और टैक्स भी जुड़ते हैं। इसलिए केवल प्रति ग्राम कीमत देखकर बजट तय न करें। दुकानदार से पूरा बिल लें और उसमें शुद्धता, वजन तथा सभी शुल्क की जानकारी जरूर देखें।