Fintech: बैंकों के लिए चुनौती बनेंगी Fintech कंपनियां, लेकिन अस्तित्व पर खतरा नहीं- Axis बैंक
प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक Axis Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अमिताभ चौधरी ने बैंकिंग सेक्टर को लेकर कई अहम बातें कही हैं। ग्लोबल फिनटेक कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बैंकों के पास आई बड़ी FCNR (B) जमा राशि के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल करने के दबाव में बैंक कुछ असामान्य तरीके से कर्ज देने की स्थिति में आ सकते हैं।
FCNR Deposits: बैंकों के पास आई बड़ी रकम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जून में सीमित अवधि के लिए घोषित योजना के तहत बैंकों ने प्रवासी भारतीयों से 127 अरब डॉलर से अधिक की FCNR (B) जमा राशि जुटाई है। बड़ी मात्रा में फंड आने के बाद केंद्रीय बैंक ने निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले ही इस योजना को बंद कर दिया।
अमिताभ चौधरी ने कहा कि इतनी बड़ी रकम के इस्तेमाल को लेकर बैंकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक केवल फंड का इस्तेमाल करने के दबाव में जोखिमपूर्ण तरीके से लोन देने से बचेंगे।
Loan Growth: 15-16% रह सकती है कर्ज वृद्धि
Axis Bank के प्रमुख ने वित्त वर्ष 2026-27 में बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ को लेकर भी अनुमान जताया। उनके मुताबिक, इस वित्त वर्ष में बैंकों की कर्ज वृद्धि करीब 15-16 फीसदी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में करीब 19 फीसदी की क्रेडिट ग्रोथ दिखाई दे रही है, लेकिन इसकी एक वजह पिछले वित्त वर्ष का कम बेस भी है। इसलिए मौजूदा आंकड़ों को देखकर पूरे साल की वास्तविक तस्वीर का अंदाजा लगाना जल्दबाजी होगी।
Interest Rate: अक्टूबर में बढ़ सकती है ब्याज दर
अमिताभ चौधरी ने ब्याज दरों को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने संभावना जताई कि RBI की अक्टूबर में होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान ब्याज दरों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
उन्होंने भारत और अमेरिका की सरकारी प्रतिभूतियों के यील्ड के बीच बढ़ते अंतर को भी चिंता का विषय बताया। उनके मुताबिक, कई दशकों में दोनों देशों के बीच इस तरह का बड़ा अंतर देखने को मिला है और यह बाजार के लिए चुनौती बन सकता है।
Bank Consolidation: आने वाले समय में बढ़ेगा विलय और एकीकरण
चौधरी के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में और अधिक कंसोलिडेशन यानी एकीकरण देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि बड़े आकार के बैंक भविष्य में ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे और बैंकिंग संस्थानों को इस जरूरत को समझना होगा।
उनका मानना है कि बैंक का बड़ा आकार भविष्य में उसके लिए एक तरह का सुरक्षा कवच भी बन सकता है। Axis Bank भी सेक्टर में बनने वाले संभावित अवसरों पर नजर रखेगा।
Fintech Challenge: चुनौती होगी, लेकिन अस्तित्व पर खतरा नहीं
फिनटेक कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी Axis Bank के CEO ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बैंकों को फिनटेक कंपनियों से चुनौती मिलती रहेगी, लेकिन यह चुनौती बैंकों के अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बनेगी।
चौधरी के मुताबिक, Axis Bank फिनटेक कंपनियों को केवल प्रतिस्पर्धी के तौर पर नहीं देखता, बल्कि उनके साथ पार्टनरशिप के अवसर भी तलाशता है। टेक्नोलॉजी और बैंकिंग के मेल से भविष्य में वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Bottom Line: बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी
FCNR जमा, कर्ज वृद्धि, ब्याज दर, बैंक कंसोलिडेशन और फिनटेक जैसे मुद्दों पर अमिताभ चौधरी की टिप्पणियां बताती हैं कि आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर कई बड़े बदलावों से गुजर सकता है। खास तौर पर बड़ी जमा राशि के इस्तेमाल और लोन ग्रोथ के बीच संतुलन बनाए रखना बैंकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।