Farmer ID: बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी मिलेगी फार्मर आईडी, जानें रजिस्ट्रेशन का पूरा तरीका
देश में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनके पास खुद की खेती की जमीन नहीं है. वे दूसरे किसानों से खेत बटाई पर लेकर खेती करते हैं और फसल का एक तय हिस्सा जमीन मालिक को देते हैं. जमीन के दस्तावेज अपने नाम नहीं होने के कारण ऐसे किसानों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है. अब ऐसे किसानों के लिए राहत की खबर है. बटाई पर खेती करने वाले किसान भी फार्मर रजिस्ट्री में अपना नाम दर्ज कराकर फार्मर आईडी बनवा सकेंगे. हालांकि, इसके लिए जमीन मालिक की सहमति जरूरी होगी.
दो श्रेणियों में कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन
नई व्यवस्था के तहत बटाईदार किसानों को दो श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में वे किसान हैं, जिनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है और वे पूरी तरह दूसरों के खेतों में खेती करते हैं. दूसरी श्रेणी में वे किसान आते हैं, जिनके पास खुद की जमीन होने के साथ-साथ बटाई पर ली गई जमीन भी है. दोनों श्रेणियों के किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अलग-अलग होगी.
बिना जमीन वाले किसान ऐसे बनवाएं फार्मर आईडी
जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें सबसे पहले नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाना होगा. वहां फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवेदन करना होगा. इसके बाद आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर का सत्यापन कराया जाएगा.
आवेदन के दौरान किसान को अपनी श्रेणी में 'बटाईदार' विकल्प चुनना होगा. इसके बाद बटाई पर लिए गए खेत का पूरा विवरण दर्ज करना होगा. आवेदन जमा होने के बाद जमीन मालिक की फार्मर आईडी पर सहमति के लिए अनुरोध भेजा जाएगा. मालिक की मंजूरी मिलने के बाद ही बटाईदार किसान का रजिस्ट्रेशन पूरा होगा. अगर जमीन मालिक की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो उनकी आईडी बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है.
खुद की जमीन है तो ऑनलाइन जोड़ें बटाई वाला खेत
जिन किसानों की फार्मर आईडी पहले से बनी हुई है और वे अतिरिक्त जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं, वे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए उस जमीन को अपनी आईडी से जोड़ सकते हैं.
इसके लिए ये प्रक्रिया अपनानी होगी:
- सबसे पहले फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अपने अकाउंट में लॉगिन करें.
- 'किसान विवरण अद्यतन' विकल्प पर जाएं.
- यहां 'नई भूमि जोड़ें बटाईदार' विकल्प चुनें.
- बटाई पर ली गई जमीन का पूरा विवरण भरकर आवेदन जमा करें.
- इसके बाद जमीन मालिक के पास सहमति का अनुरोध पहुंचेगा.
- जमीन मालिक की मंजूरी मिलने के बाद खेत किसान की फार्मर आईडी से जुड़ जाएगा.
जमीन मालिक की सहमति क्यों है जरूरी?
बटाईदार किसानों के रजिस्ट्रेशन में जमीन मालिक की मंजूरी सबसे अहम है. बिना सहमति के बटाई पर ली गई जमीन को किसान की फार्मर आईडी से नहीं जोड़ा जा सकेगा. इसलिए आवेदन करने से पहले जमीन मालिक से बातचीत करना जरूरी है.
इस व्यवस्था से उन किसानों को राहत मिल सकती है, जो खुद की जमीन नहीं होने के बावजूद खेती पर निर्भर हैं. फार्मर आईडी बनने से उन्हें खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी.