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EPFO Rule: 36 की उम्र में छोड़ दी नौकरी तो भी मिलता रहेगा PF पर ब्याज, जानें 58 साल तक का नियम
 

 

अगर आपने 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दी है तो यह जरूरी नहीं कि आपके EPF खाते पर मिलने वाला ब्याज उसी समय बंद हो जाए। EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक, 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ने वाले सदस्य को कुछ परिस्थितियों में 58 साल की उम्र तक EPF बैलेंस पर ब्याज मिलता रह सकता है।
इसका मतलब है कि 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने पर खाते में जमा रकम लंबे समय तक ब्याज कमा सकती है। हालांकि, ब्याज मिलने के लिए खाते का संबंधित EPF नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है।


नौकरी छोड़ने के बाद EPF खाते में क्या होता है?
नौकरी खत्म होने के बाद नियोक्ता की ओर से आपके EPF खाते में हर महीने नया योगदान आना बंद हो जाता है। लेकिन पहले से जमा रकम पर ब्याज मिलना तुरंत बंद नहीं होता।
EPFO के नियमों के मुताबिक, 55 साल से कम उम्र में स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी के खाते को 58 साल की उम्र तक निष्क्रिय नहीं माना जाता। ऐसे में खाते में मौजूद रकम पर लागू नियमों के अनुसार ब्याज जारी रह सकता है।
यानी अगर कोई कर्मचारी 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ता है और अपना EPF बैलेंस खाते में ही रखता है, तो उसके लिए 58 साल तक ब्याज मिलने की संभावना बनी रहती है।


36 से 58 साल तक कैसे मिलेगा ब्याज?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि नौकरी छोड़ने के बाद खाते में नया पैसा जमा नहीं होगा। ब्याज केवल पहले से मौजूद EPF बैलेंस पर मिलेगा।
EPF पर मिलने वाला ब्याज हर वित्त वर्ष के लिए घोषित ब्याज दर के आधार पर तय होता है। इसलिए 36 से 58 साल के बीच खाते में रकम कितनी बढ़ेगी, यह भविष्य में लागू होने वाली ब्याज दरों और खाते में मौजूद बैलेंस पर निर्भर करेगा।
इस वजह से यह कहना सही नहीं होगा कि आज के ब्याज दर के हिसाब से अगले 22 साल में रकम निश्चित रूप से कितनी हो जाएगी।


UAN और KYC अपडेट रखना जरूरी
नौकरी छोड़ने के बाद भी EPF से जुड़ी अपनी जानकारी अपडेट रखना फायदेमंद है। खास तौर पर UAN, KYC और बैंक अकाउंट की जानकारी सही और अपडेट होनी चाहिए।
इससे भविष्य में EPF से जुड़ा कोई काम करने, क्लेम लेने या खाते को दूसरी नौकरी के EPF खाते से जोड़ने में परेशानी कम हो सकती है।


नई नौकरी मिलने पर पुराने PF का क्या होगा?
अगर कुछ समय बाद आप दोबारा ऐसी नौकरी शुरू करते हैं जहां EPF की सुविधा मिलती है, तो पुराने EPF बैलेंस को नए EPF खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है।
इससे पुरानी जमा राशि आपके नए EPF खाते से जुड़ जाती है और आपको अलग-अलग खातों को संभालने की परेशानी नहीं रहती।


क्या 36 साल में नौकरी छोड़ना मतलब PF का ब्याज बंद होना है?
नहीं, नौकरी छोड़ते ही EPF पर ब्याज बंद हो जाना जरूरी नहीं है। 55 साल से पहले नौकरी छोड़ने वाले सदस्य के लिए 58 साल तक ब्याज जारी रहने का नियम लागू हो सकता है, बशर्ते खाता संबंधित EPF नियमों के तहत ब्याज के लिए पात्र हो।
इसलिए नौकरी छोड़ने के बाद EPF खाते से जुड़ा फैसला लेने से पहले मौजूदा EPFO नियमों और अपनी व्यक्तिगत स्थिति को जरूर ध्यान में रखें।