संसद में पेश हुआ इकोनॉमिक सर्वे 2026, इस साल 6.8%–7.2% रह सकती है भारत GDP ग्रोथ
केंद्रीय बजट से पहले देश की आर्थिक सेहत का ब्लूप्रिंट माने जाने वाला इकोनॉमिक सर्वे 2026 आज संसद में पेश किया गया। यह अहम दस्तावेज़ साफ तौर पर बताता है कि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद, भारत की ग्रोथ सही रास्ते पर बनी हुई है। ग्लोबल आर्थिक मंदी, जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई के दबाव के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत ग्रोथ के लिए तैयार दिख रही है।
भारत की मज़बूत ग्रोथ की गति
इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि भारत ने हाल के वर्षों में मज़बूत ग्रोथ की गति बनाए रखी है। घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश और सर्विस सेक्टर की ताकत भारतीय अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभ बने हुए हैं। बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और पूंजीगत खर्च से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा है।
बजट पर नज़रें
विशेषज्ञों का मानना है कि 6.8-7.2 प्रतिशत की अनुमानित विकास दर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने के लिए काफी है। अब सभी की नज़रें 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर हैं, जिससे पता चलेगा कि सरकार इकोनॉमिक सर्वे में बताए गए संकेतों को लागू करने के लिए क्या रणनीति अपनाएगी।