Defence Stocks Today : ₹1.10 लाख करोड़ की डिफेंस डील का असर, HAL-BEL-BEML समेत इन शेयरों में आया उछाल
भारतीय रक्षा क्षेत्र के शेयरों में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को खरीदारी देखने को मिली। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रक्षा मंत्रालय की ओर से करीब ₹1.10 लाख करोड़ की सैन्य खरीद से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दिया जाना है। इस फैसले के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और BEML समेत कई डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखाई दी।
एक दिन पहले यानी 7 सितंबर को भी डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की बैठक को लेकर रक्षा शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी थी।
HAL, BEL और BEML में दिखी तेजी
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में HAL के शेयर करीब 2 फीसदी से ज्यादा चढ़कर ₹4,959.90 तक पहुंच गए। वहीं BEL में करीब 1.33 फीसदी की तेजी देखी गई और शेयर ₹410.95 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
डिफेंस सेक्टर की कंपनी BEML में भी खरीदारी का जोर रहा। इसके शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 3.23 फीसदी उछलकर ₹2,165.65 तक पहुंच गए।
हालांकि, शेयर बाजार में दिन के दौरान भाव में उतार-चढ़ाव हो सकता है और शुरुआती तेजी का मतलब यह नहीं है कि शेयर पूरे कारोबारी सत्र में इसी स्तर पर बने रहेंगे।
₹1.10 लाख करोड़ की खरीद को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की बैठक में करीब ₹1.10 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इन प्रस्तावों के लिए Acceptance of Necessity (AoN) दी गई है। रक्षा खरीद प्रक्रिया में AoN को किसी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण शुरुआती मंजूरी माना जाता है।
इस फैसले की खास बात यह है कि मंजूर की गई खरीद का करीब 98 फीसदी हिस्सा भारतीय उद्योग से किए जाने का प्रस्ताव है। इससे घरेलू डिफेंस कंपनियों के लिए आने वाले समय में ऑर्डर और कारोबार के नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
सेना के लिए खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण
भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए कई तरह के सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इनमें CBRN रिकॉनिसेंस व्हीकल, हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ-प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर्स, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH), ट्रॉल टैंक और सर्वत्र ब्रिज सिस्टम शामिल हैं।
CBRN रिकॉनिसेंस व्हीकल का इस्तेमाल रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों वाले इलाकों की पहचान और निगरानी में किया जा सकता है। वहीं हाई मोबिलिटी व्हीकल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य आवाजाही और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
नौसेना की निगरानी और propulsion क्षमता होगी मजबूत
भारतीय नौसेना के लिए Arudhra रडार और Marine Gas Turbines की खरीद को भी मंजूरी मिली है।
Arudhra रडार नौसेना की हवाई निगरानी क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। दूसरी तरफ Marine Gas Turbines युद्धपोतों की propulsion व्यवस्था से जुड़े होते हैं। इनकी घरेलू खरीद से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की कोशिश भी मजबूत होगी।
वायुसेना के लिए भी कई अहम प्रस्ताव
वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर से संबंधित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा Ground-Based Multi-Purpose Jammer (GBMPJ) और Defence Forces Secure Access Card System की खरीद और स्थापना भी प्रस्तावों में शामिल है। GBMPJ जैसे सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता को बढ़ाने और विरोधी के रडार तथा संचार प्रणालियों को प्रभावित करने में उपयोगी हो सकते हैं।
डिफेंस शेयरों में क्यों बढ़ी खरीदारी?
सरकार की ओर से रक्षा खरीद का बड़ा हिस्सा घरेलू कंपनियों से किए जाने की बात डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े सरकारी ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ने से HAL, BEL, BEML और अन्य रक्षा कंपनियों की भविष्य की ऑर्डर बुक और कारोबारी संभावनाओं को लेकर बाजार में सकारात्मक sentiment बना है।
हालांकि, किसी शेयर में तेजी केवल एक सरकारी घोषणा के आधार पर स्थायी नहीं मानी जा सकती। कंपनी की वैल्यूएशन, ऑर्डर की वास्तविक प्राप्ति, मुनाफा, कर्ज और बाजार की स्थिति जैसे कई कारक शेयर की कीमत को प्रभावित करते हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी बात: डिफेंस शेयरों में तेजी देखकर तुरंत खरीदारी करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन का अध्ययन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और कंपनी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।