Credit Score: सिर्फ 500-600 रुपये की गलती भी बिगाड़ सकती है क्रेडिट हिस्ट्री, पेमेंट मिस होने पर तुरंत करें ये 5 काम
क्रेडिट कार्ड का बिल हो या किसी लोन की EMI, कई लोग छोटी रकम को गंभीरता से नहीं लेते। 500 या 600 रुपये का बकाया देखकर अक्सर लगता है कि इतनी कम रकम से क्रेडिट स्कोर पर भला क्या असर पड़ेगा। लेकिन क्रेडिट हिस्ट्री के मामले में रकम से ज्यादा महत्वपूर्ण पेमेंट का समय पर होना है।
अगर कोई छोटी पेमेंट भी समय पर नहीं की जाती और बकाया लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ सकता है। यही वजह है कि छोटी रकम को नजरअंदाज करने के बजाय हर बिल और EMI की तय तारीख पर भुगतान करना जरूरी है।
क्रेडिट स्कोर में रकम से ज्यादा अहम है पेमेंट हिस्ट्री
क्रेडिट स्कोर तय करते समय आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यानी आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड की रकम समय पर चुकाई है या नहीं।
500 रुपये की देरी और 50,000 रुपये की देरी एक जैसी नहीं हो सकती, लेकिन किसी भी बकाया भुगतान को लंबे समय तक नजरअंदाज करना आपकी क्रेडिट प्रोफाइल के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अगर पेमेंट बार-बार लेट होती है, तो लेंडर के नजरिए से आपकी रीपेमेंट क्षमता और वित्तीय अनुशासन पर सवाल उठ सकता है। इसका असर भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड लेने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
भारत में ये 4 क्रेडिट ब्यूरो रखते हैं रिकॉर्ड
भारत में प्रमुख रूप से चार क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां काम करती हैं। इनमें TransUnion CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark शामिल हैं।
ये संस्थाएं आपके क्रेडिट अकाउंट और भुगतान से जुड़ी जानकारी के आधार पर क्रेडिट रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसी रिपोर्ट के डेटा से क्रेडिट स्कोर तैयार होता है, जो सामान्य तौर पर 300 से 900 के बीच होता है।
इसलिए किसी भी EMI या क्रेडिट कार्ड बिल की भुगतान तारीख को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
बिल या EMI मिस हो जाए तो तुरंत करें ये 5 काम
अगर किसी वजह से आपसे भुगतान में चूक हो गई है, तो घबराने के बजाय जल्द से जल्द जरूरी कदम उठाएं।
1. बकाया रकम तुरंत चुकाएं
अगर बिल या EMI की तारीख निकल गई है तो भुगतान को और आगे न टालें। जितनी जल्दी संभव हो बकाया रकम जमा कर दें।
2. लेट फीस और दूसरे चार्ज चेक करें
भुगतान करने के बाद अपने स्टेटमेंट में देखें कि कोई लेट फीस, पेनल्टी या अन्य चार्ज तो नहीं लगाया गया है। अगर लागू हो तो उसे भी समय पर चुकाएं।
3. अकाउंट का स्टेटस जरूर देखें
पेमेंट करने के बाद लेंडर या क्रेडिट कार्ड कंपनी के ऐप/वेबसाइट पर जाकर यह सुनिश्चित करें कि बकाया राशि अपडेट हो गई है और अकाउंट की स्थिति सही दिखाई दे रही है।
4. क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें
समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखना जरूरी है। इससे आपको पता चलता रहेगा कि आपके लोन और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी सही दर्ज है या नहीं। अगर कोई गलत एंट्री दिखाई देती है तो संबंधित संस्था के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
5. आगे पेमेंट मिस होने से बचें
भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए बैंक की उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार ऑटो-पे/ऑटो-डेबिट सेट कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल कैलेंडर में बिल और EMI की तारीख का रिमाइंडर लगाना भी आसान तरीका है।
क्या एक छोटी रकम से तुरंत CIBIL स्कोर गिर जाता है?
यह समझना जरूरी है कि केवल 500 या 600 रुपये की रकम देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आपका क्रेडिट स्कोर कितने अंक कम होगा। क्रेडिट स्कोर पर असर कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे भुगतान में देरी, क्रेडिट उपयोग, मौजूदा कर्ज, क्रेडिट हिस्ट्री और अलग-अलग क्रेडिट खातों का रिकॉर्ड।
इसलिए छोटी रकम को लेकर लापरवाही करने के बजाय हर भुगतान समय पर करना बेहतर है।
छोटी गलती से बचना ही सबसे आसान तरीका
अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज लगातार वित्तीय अनुशासन है। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरना, जरूरत के मुताबिक क्रेडिट इस्तेमाल करना और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर रखना आपकी क्रेडिट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। क्रेडिट स्कोर पर किसी भुगतान का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री और संबंधित क्रेडिट ब्यूरो/लेंडर की रिपोर्टिंग पर निर्भर कर सकता है। वित्तीय निर्णय लेने से पहले संबंधित बैंक, लेंडर या योग्य वित्तीय सलाहकार से जानकारी जरूर लें।