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शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,850 के करीब; IT और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली

 

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा टूटकर 73,800 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,850 के आसपास कारोबार करने लगा। बाजार में आई इस कमजोरी से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।बाजार में सबसे ज्यादा दबाव IT, प्राइवेट बैंक और FMCG सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। इन क्षेत्रों में निवेशकों की ओर से की गई बिकवाली ने प्रमुख इंडेक्स को नीचे खींचा। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

IT और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

सोमवार के कारोबार में आईटी कंपनियों, निजी बैंकों और FMCG कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। जब बाजार के प्रमुख सेक्टरों में एक साथ गिरावट आती है, तो इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ता है।निवेशकों की नजर अब वैश्विक बाजारों के संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है। इन कारकों के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई बाजारों में एक जैसी चाल नहीं रही। दक्षिण कोरिया और हॉन्गकॉन्ग के बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि जापान के निक्केई में गिरावट दर्ज की गई।

  • कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 5,677 अंक, 40 अंक या 0.52% की बढ़त।

  • निक्केई (जापान): 64,534 अंक, 790 अंक या 1.21% की गिरावट।

  • हैंग सेंग (हॉन्गकॉन्ग): 24,187 अंक, 124 अंक या 0.52% की बढ़त।

एशियाई बाजारों के इन मिले-जुले संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

अमेरिकी बाजार में भी रही कमजोरी

इससे पहले शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई थी। नैस्डैक में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली, जबकि डाउ जोन्स और S&P 500 भी गिरावट के साथ बंद हुए।

  • डाउ जोन्स: 52,002 अंक, 175 अंक या 0.34% नीचे।

  • नैस्डैक: 26,140 अंक, 573 अंक या 2.14% नीचे।

  • S&P 500: 7,659 अंक, 85 अंक या 1.09% नीचे।

अमेरिकी बाजारों में आई इस गिरावट का असर वैश्विक निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार में गिरावट के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराने के लिए विस्तृत बाजार आंकड़ों और संबंधित खबरों की पुष्टि जरूरी है।

विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में निकाले ₹7,282 करोड़

शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की गतिविधियां भी निवेशकों के लिए अहम बनी हुई हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से शुद्ध आधार पर ₹7,282 करोड़ की निकासी की है। पिछले 30 दिनों का आंकड़ा देखें तो शुद्ध बिकवाली ₹85,741 करोड़ रही।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने पिछले सात दिनों में ₹4,768 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। पिछले 30 दिनों में उनकी शुद्ध खरीदारी ₹87,980 करोड़ रही।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी गिरावट को कुछ हद तक संभालने में मदद कर सकती है।

शुक्रवार की तेजी के बाद सोमवार को बदला बाजार का रुख

पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 413 अंक चढ़कर 74,729 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 148 अंक की बढ़त के साथ 23,146 पर पहुंच गया था।

लेकिन सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली के चलते यह तेजी कमजोर पड़ती दिखाई दी। सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

निवेशक अब क्या ध्यान रखें?

बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। खासकर अल्पकालिक कारोबार करने वालों के लिए जोखिम प्रबंधन, स्टॉप-लॉस और अपनी निवेश क्षमता के अनुसार पोजिशन लेना महत्वपूर्ण है।

आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, कंपनियों के नतीजों और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। ध्यान रखें कि सेंसेक्स और निफ्टी के बताए गए स्तर कारोबारी सत्र के दौरान के आंकड़े हैं; बाजार के अंतिम बंद होने पर इनमें बदलाव हो सकता है।