×

Chandigarh Cab Service: Uber और Rapido पर लगा 6 महीने का बैन, अब इन 4 कैब कंपनियों पर रोक

 

अगर आप चंडीगढ़ में रोजाना आने-जाने के लिए कैब बुक करते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने उबर और रैपिडो के एग्रीगेटर लाइसेंस को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और मार्च 2027 तक जारी रहेगा।
इस फैसले के बाद शहर में कैब से सफर करने वाले लोगों के लिए विकल्प और कम हो गए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले ओला और इनड्राइव पर भी कार्रवाई हो चुकी है।


Uber-Rapido पर क्यों हुई कार्रवाई?
STA ने 8 सितंबर को उबर और रैपिडो के खिलाफ लाइसेंस निलंबन का आदेश जारी किया। अथॉरिटी के मुताबिक, दोनों कंपनियों पर Chandigarh Administration Motor Vehicle Aggregators Rules, 2025 के नियमों का लगातार पालन नहीं करने का आरोप है।
अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय और कई अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों को लागू करने के बजाय कंपनियों की ओर से केंद्र सरकार की Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 को चंडीगढ़ में लागू करने की मांग की गई।


निजी वाहनों को लेकर भी उठे सवाल
जुलाई 2026 में कंपनियों की ओर से जमा की गई वाहनों की सूची में कुछ नॉन-कमर्शियल यानी निजी वाहन भी शामिल पाए गए। चंडीगढ़ में कैब सेवा के लिए निजी वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
STA की ओर से इसे भी नियमों के उल्लंघन का एक कारण माना गया है।
ड्राइवरों से जुड़े नियम भी नहीं माने गए
STA सचिव नितीश सिंगला के मुताबिक, उबर और रैपिडो को ड्राइवरों के हेल्थ चेकअप, टर्म इंश्योरेंस, ट्रेनिंग और निर्धारित किराए से संबंधित नियमों का पालन करने के लिए समय दिया गया था।
अथॉरिटी का कहना है कि इन कंपनियों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आई थीं। इन तमाम मामलों को देखते हुए दोनों कंपनियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित किए गए।


Ola और inDrive पर भी पहले हो चुकी है कार्रवाई
उबर और रैपिडो से पहले चंडीगढ़ में ओला और inDrive के लाइसेंस भी छह महीने के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। अब चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर कार्रवाई होने के बाद शहर में ऐप आधारित कैब सेवाओं के विकल्प काफी सीमित हो गए हैं।
इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो रोजाना ऑफिस, कॉलेज या दूसरे कामों के लिए ऑनलाइन कैब पर निर्भर रहते हैं।


अब चंडीगढ़ में कैब का क्या विकल्प रहेगा?
चार प्रमुख कैब सेवाओं पर रोक के बाद फिलहाल सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की भारत टैक्सी मुख्य कैब सेवा के रूप में उपलब्ध रहने की बात कही गई है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रियों के सामने स्थानीय परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के अलावा सीमित विकल्प रह सकते हैं। शहर में रोजाना कैब से सफर करने वाले लोगों को अब यात्रा की योजना बनाते समय उपलब्ध परिवहन विकल्पों का पहले से ध्यान रखना होगा।