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सर्राफा बाजार में हलचल: रिकॉर्ड गिरावट के बाद क्या फिर भरेगा उड़ान? जानिए निचले स्तर पर क्यों खरीदारी की सलाह दे रहे एक्सपर्ट्स

 

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अक्टूबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। इसका दबाव कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और घरेलू बाजार में सोना 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया। चांदी की कीमतों में भी कमजोरी रही। हालांकि, शुक्रवार की बड़ी गिरावट के बाद जानकारों को सोमवार को सोने और चांदी में तकनीकी रिकवरी की उम्मीद है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब सोमवार के कारोबार पर टिकी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3% तक टूटा

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गिरकर करीब 3,876 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। पूरे सप्ताह के दौरान सोने में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में सोना 8.15 फीसदी और पिछले एक साल में 3.17 फीसदी नीचे आ चुका है।वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर में भी भारी कमजोरी देखने को मिली। शुक्रवार को यह करीब 3.63 फीसदी गिरकर 3,885 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अक्टूबर 2025 के बाद सोने का यह सबसे कमजोर स्तर बताया जा रहा है।

घरेलू बाजार में ₹1.40 लाख के नीचे पहुंचा सोना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया। घरेलू हाजिर बाजार में सोने की कीमत 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे पहुंच गई। दूसरी तरफ, चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर 0.05 फीसदी गिरकर 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी का वायदा भाव 0.13 फीसदी टूटकर 1,78,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।LKP Securities के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, पिछले तीन सप्ताह से सोने की कीमतों पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। इस दौरान सोने के भाव में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की क्या है वजह?

सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे अहम कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता है।दरअसल, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में जल्द कटौती किए जाने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है। जब ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका होती है, तो निवेशकों का रुझान सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से कुछ कम हो सकता है।इसके अलावा, अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर अनिश्चितता भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है सोना-चांदी

लगातार गिरावट के बावजूद बाजार विशेषज्ञों को सोमवार के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में कुछ सुधार की उम्मीद है। Bonanza Portfolio के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के मुताबिक, फिलहाल दोनों कीमती धातुओं का ट्रेंड कमजोर बना हुआ है।उनके अनुसार, सोने और चांदी के डेली और वीकली चार्ट पर लगातार निचले स्तर बन रहे हैं। हालांकि, शुक्रवार की तेज गिरावट के बाद दोनों धातुएं ओवरसोल्ड जोन में पहुंच गई हैं। ऐसी स्थिति में सोमवार को तकनीकी रिकवरी देखने को मिल सकती है।

यादव का मानना है कि सोना और चांदी सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन इस संभावित तेजी को ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं मानना चाहिए। कीमतों को ऊपर जाने पर कई स्तरों पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। यदि ये अहम स्तर पार नहीं होते हैं, तो बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी या बिकवाली करने से बचना चाहिए। सोमवार के कारोबार में कीमतों की चाल और तकनीकी स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।इसके अलावा, निवेशकों की निगाह अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर भी रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।