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BREAKING: सोने की कीमतों में ₹4,065 की जोरदार गिरावट; महीने भर में ₹14,000 तक सस्ती हुई चांदी

 

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में अगर आप निवेश के लिए या किसी खास मौके पर सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ बाजार भाव जानना ही काफी नहीं है। खरीदारी के दौरान सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, वजन और कीमत की सही जांच करना भी बेहद जरूरी है।

क्या सोने की कीमतों में गिरावट आगे भी जारी रह सकती है?

बाजार में सोने-चांदी की कीमतों पर कई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर पड़ता है। खासतौर पर अमेरिका की ब्याज दरों, डॉलर की चाल, महंगाई, वैश्विक आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।ब्याज दरों में बदलाव से सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। वहीं, अगर दुनिया में आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर देख सकते हैं। ऐसे में कीमतों में दोबारा तेजी भी देखने को मिल सकती है।इसलिए बाजार में आगे की दिशा को लेकर निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। निवेशकों को खरीदारी से पहले अपनी जरूरत और जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान

पहली बात—हॉलमार्क जरूर देखें

सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना सबसे जरूरी है। BIS यानी Bureau of Indian Standards से संबंधित हॉलमार्क और HUID जैसी जानकारी जरूर जांचें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी मिलती है।

सिर्फ दुकानदार के कहने पर सोना न खरीदें। बिल में सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क की जानकारी भी जरूर देखें।

दूसरी बात—कीमत और वजन क्रॉस चेक करें

सोना खरीदने से पहले उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग होती है।इसके अलावा ज्वेलरी का वजन, मेकिंग चार्ज और GST भी बिल में अलग-अलग देखना चाहिए। इससे आपको पता चलेगा कि वास्तव में सोने की कीमत कितनी है और अतिरिक्त शुल्क कितना लिया जा रहा है।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता की जांच जरूरी है। बाजार में कई तरह की चांदी की वस्तुएं उपलब्ध होती हैं, इसलिए केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर चांदी को असली मान लेना सही नहीं है।

कुछ लोग चांदी की शुरुआती जांच के लिए मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट या कपड़े से रगड़ने जैसे घरेलू तरीके इस्तेमाल करते हैं।

मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी सामान्य तौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि केवल इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता साबित नहीं की जा सकती।

आइस टेस्ट: चांदी गर्मी की अच्छी चालक होती है, इसलिए उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। लेकिन यह भी सिर्फ एक घरेलू संकेत है, पक्की जांच नहीं।

कपड़ा रगड़ने वाला टेस्ट: चांदी के खराब होने या ऑक्सीडाइज होने पर कपड़े पर काला निशान आ सकता है, लेकिन इससे शुद्धता की निश्चित पुष्टि नहीं होती।

सबसे जरूरी बात—सिर्फ घरेलू टेस्ट पर भरोसा न करें

अगर आप महंगी चांदी या सोने की खरीदारी कर रहे हैं, तो उसकी शुद्धता की प्रमाणित जांच और सही बिल लेना ज्यादा सुरक्षित तरीका है। सोने में BIS हॉलमार्क और HUID जैसी जानकारी जरूर जांचें और चांदी में भी शुद्धता की जानकारी तथा बिल जरूर लें।यानी खरीदारी करते समय सिर्फ आज का भाव देखकर जल्दबाजी न करें। शुद्धता, वजन, बाजार भाव और बिल—इन चारों की जांच करने के बाद ही सोना या चांदी खरीदना बेहतर है।