बाइनेंस से 20 मिनट में उड़ाए ₹60,000 करोड़! जानिए किस देश के हैकर ग्रुप ने दिया क्रिप्टो इतिहास के सबसे बड़े डाके को अंजाम
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया से एक बड़ी साइबर सुरक्षा घटना सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर हुए हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर यानी लगभग 55,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने का अनुमान है। 30 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, चोरी का बड़ा हिस्सा महज 20 मिनट के भीतर हुआ। इस घटना ने डिजिटल एसेट्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर कैसे हुई अरबों डॉलर की चोरी?
शुरुआती जांच में Binance ने आशंका जताई कि किसी DevOps इंजीनियर का लैपटॉप हैक होने के कारण हमलावर कंपनी के आंतरिक सिस्टम तक पहुंच सके। बाद में जांच के दौरान सुरक्षा में सेंध लगने के अन्य संभावित रास्ते भी सामने आए।
ब्लॉकचेन विश्लेषकों के अनुसार, हमलावरों ने एक्सचेंज के ट्रांजैक्शन साइनिंग सिस्टम का फायदा उठाया। यह सिस्टम डिजिटल वॉलेट से लेनदेन को अधिकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस व्यवस्था पर नियंत्रण मिलने के बाद हमलावर Binance के हॉट वॉलेट्स से अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क पर क्रिप्टो एसेट्स को अपने नियंत्रण वाले वॉलेट्स में भेजने में सफल रहे।
Binance ने कहा है कि अभी तक वॉलेट की निजी क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों के लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने यह भी माना कि मामला शुरुआती अनुमान से अधिक जटिल है और इसकी तकनीकी जांच जारी है।
क्या उत्तर कोरिया के हैकर्स का हाथ है?
कुछ अंतरराष्ट्रीय ब्लॉकचेन जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूहों का संदेह जताया है। जांचकर्ताओं ने हमले के तरीकों और पहले हुए बड़े क्रिप्टो हमलों से समानताएं बताई हैं।हालांकि, Binance ने अभी तक हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस हमले के लिए किसी खास देश या समूह को जिम्मेदार ठहराना फिलहाल सही नहीं होगा। जांच एजेंसियां डिजिटल लेनदेन और वॉलेट गतिविधियों का विश्लेषण कर रही हैं।
करीब 3 अरब डॉलर की क्रिप्टो फ्रीज
Binance के मुताबिक, कंपनी ने ब्लॉकचेन भागीदारों और संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर चोरी से प्रभावित करीब 3 अरब डॉलर की क्रिप्टो एसेट्स को फ्रीज कराने में सफलता हासिल की है। हालांकि, सभी डिजिटल एसेट्स को फ्रीज करना संभव नहीं होता। कुछ क्रिप्टोकरेंसी को जारी करने वाली कोई केंद्रीय संस्था नहीं होती, इसलिए उन्हें सीधे फ्रीज करना मुश्किल हो सकता है।कंपनी ने कहा है कि ग्राहकों के नुकसान की भरपाई के लिए उसके SAFU यूजर प्रोटेक्शन फंड और कंपनी के अपने संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। एक्सचेंज ने जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू की है।
क्या Binance के ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है?
इस घटना के बाद निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके फंड पर इसका क्या असर पड़ेगा। Binance ने भरोसा दिलाया है कि वह प्रभावित नुकसान की भरपाई करेगा। हालांकि, जांच और तकनीकी सुधार पूरे होने तक जमा और निकासी जैसी सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
कंपनी ने कहा है कि सुरक्षा जांच पूरी होने और सिस्टम की आवश्यक जांच के बाद सेवाओं को सामान्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल Binance के आधिकारिक चैनलों से जारी अपडेट पर भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश से सावधान रहें।
क्रिप्टो बाजार के लिए क्यों अहम है यह घटना?
यह मामला दिखाता है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों की सुरक्षा केवल ब्लॉकचेन तकनीक पर निर्भर नहीं करती। कर्मचारियों के डिवाइस, आंतरिक सिस्टम, ट्रांजैक्शन की मंजूरी और वॉलेट प्रबंधन में छोटी-सी चूक भी बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है।अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि Binance जांच में क्या खुलासे करता है, कितनी रकम वापस हासिल हो पाती है और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।