दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला, वीडियो में जाने 60 हजार करोड़ की क्रिप्टो चोरी; बिटकॉइन में 5% से ज्यादा गिरावट
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) पर बड़े साइबर हमले की खबर सामने आई है। इसे क्रिप्टोकरेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। इस हमले में करीब 6.3 बिलियन डॉलर यानी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने का दावा किया गया है। घटना के बाद कंपनी ने सुरक्षा कारणों से निकासी पर रोक लगा दी है। इससे बाइनेंस पर पैसा लगाने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा जांच पूरी होने तक बाइनेंस अकाउंट से क्रिप्टोकरेंसी या पैसा बाहर निकालने पर रोक लगाई गई है। साथ ही नए पैसे जमा करने की सुविधा भी प्रभावित हुई है। इस कदम का उद्देश्य संभावित नुकसान को रोकना और एक्सचेंज के सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। हैकिंग की खबर सामने आने के बाद क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी हलचल देखने को मिली। बिटकॉइन समेत कई प्रमुख डिजिटल करेंसी की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का असर बाजार पर दिखाई दिया।
नॉर्थ कोरिया पर हैकिंग का शक
ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म TRM लैब्स के मुताबिक, इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, किसी भी साइबर हमले के लिए जिम्मेदारी तय करने से पहले तकनीकी जांच और डिजिटल लेनदेन के सबूतों का विश्लेषण जरूरी होता है।उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूहों पर पहले भी क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म और डिजिटल वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे समूहों द्वारा चोरी की गई डिजिटल संपत्ति को अलग-अलग डिजिटल वॉलेट और ब्लॉकचेन नेटवर्क के जरिए स्थानांतरित करने की कोशिश की जाती है।फिलहाल इस मामले में जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
निकासी पर रोक से निवेशकों की बढ़ी चिंता
क्रिप्टो एक्सचेंज पर निकासी की सुविधा बंद होने का सीधा असर निवेशकों पर पड़ सकता है। आमतौर पर लोग बाइनेंस जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी क्रिप्टोकरेंसी खरीदते और बेचते हैं। जरूरत पड़ने पर वे अपनी डिजिटल संपत्ति दूसरे वॉलेट या एक्सचेंज में ट्रांसफर कर सकते हैं।लेकिन निकासी पर रोक लगने के बाद निवेशक अपने अकाउंट में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी को बाहर नहीं भेज पाते। इससे बाजार में अचानक गिरावट आने पर भी वे अपनी संपत्ति को सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर नहीं कर सकते।ऐसी स्थिति में निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चिंता अपने निवेश की सुरक्षा और एक्सचेंज की सेवाएं दोबारा सामान्य होने को लेकर रहती है।
क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?
क्रिप्टोकरेंसी एक तरह की डिजिटल करेंसी यानी ऑनलाइन पैसा है। इसे इंटरनेट के जरिए खरीदा, बेचा और ट्रांसफर किया जा सकता है। सामान्य मुद्रा की तरह इसे किसी देश की सरकार या केंद्रीय बैंक सीधे जारी नहीं करता। यह मुख्य रूप से ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है।ब्लॉकचेन एक डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम है, जिसमें लेनदेन की जानकारी दर्ज होती है। बिटकॉइन, इथेरियम और अन्य डिजिटल करेंसी इसी तकनीक का इस्तेमाल करती हैं।
क्रिप्टो बाजार पर पड़ सकता है असर
बाइनेंस जैसे बड़े एक्सचेंज पर साइबर हमले की खबर से पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री में भरोसे को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। निवेशकों के लिए यह घटना डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा के महत्व को भी सामने लाती है।हालांकि, इस मामले में चोरी की गई राशि, हमले के तरीके और निवेशकों को हुए वास्तविक नुकसान की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बाजार की नजर बाइनेंस की सुरक्षा जांच और निकासी सेवाएं दोबारा शुरू होने से जुड़ी जानकारी पर बनी हुई है।