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किसानों के लिए बड़ी राहत! PM-KUSUM से सोलर पंप पर मिलेगी सब्सिडी, सिंचाई का खर्च घटाने का मौका
 

 


खेती में सिंचाई किसानों की सबसे बड़ी लागतों में से एक है। डीजल पंप चलाने का खर्च हो या बिजली की अनियमित सप्लाई और बढ़ते बिल, हर सीजन किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई किसानों के लिए खर्च कम करने का विकल्प बन सकती है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं के लिए सहायता दी जाती है।

सोलर पंप से सिंचाई में क्या फायदा?

खेत में सोलर पंप लगाने से सिंचाई के लिए डीजल पर निर्भरता कम की जा सकती है। दिन में उपलब्ध धूप का इस्तेमाल करके पंप चलाया जा सकता है, जिससे डीजल खरीदने और इंजन के रखरखाव पर होने वाला खर्च घट सकता है।कुछ योजनागत व्यवस्थाओं में ग्रिड से जुड़े सोलर सिस्टम के जरिए अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम को बेचने का प्रावधान भी हो सकता है। हालांकि यह सुविधा संबंधित राज्य की नीति और योजना के घटक पर निर्भर करती है।

कितनी मिल सकती है सरकारी मदद?

PM-KUSUM के तहत सोलर पंप की लागत में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता का प्रावधान है। सब्सिडी का वास्तविक प्रतिशत, किसान का हिस्सा और बैंक लोन की व्यवस्था राज्य, पंप की क्षमता और योजना के संबंधित घटक के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के कृषि या नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ताजा योजना और पात्रता शर्तों को जरूर जांचें। केवल उदाहरण के तौर पर किसी पंप की कीमत ₹2 लाख होने का मतलब यह नहीं है कि हर किसान को निश्चित रूप से ₹20 हजार ही देने होंगे।

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?

आवेदन के दौरान आमतौर पर किसान से पहचान और जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:

आधार कार्ड
बैंक खाते की जानकारी या पासबुक
जमीन के स्वामित्व/कब्जे से जुड़े दस्तावेज
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
राज्य सरकार द्वारा मांगे गए अन्य जरूरी दस्तावेज
ऐसे करें PM-KUSUM के लिए आवेदन

किसान सबसे पहले PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर योजना की जानकारी और अपने राज्य में उपलब्ध विकल्प देखें। आवेदन प्रक्रिया राज्य के संबंधित विभाग या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से हो सकती है।आवेदन जमा करने के बाद पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। स्वीकृति मिलने पर निर्धारित किसान अंशदान जमा करने के बाद अधिकृत एजेंसी के जरिए सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सोलर पंप लगवाने से पहले पंप की क्षमता, खेत में पानी की उपलब्धता, सिंचाई की जरूरत और राज्य की सब्सिडी व्यवस्था की जांच करना जरूरी है। साथ ही किसी एजेंट को पैसे देने के बजाय केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत विभाग से जानकारी लें।

नोट: PM-KUSUM में सब्सिडी और किसान अंशदान के नियम राज्य और योजना के घटक के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की मौजूदा गाइडलाइन जरूर देखें।