टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में ₹49 लाख करोड़ की बड़ी गिरावट, TCS को सबसे ज्यादा नुकसान
भारतीय शेयर बाजार की बड़ी कंपनियों के लिए यह दौर कुछ खास नहीं रहा है। देश की टॉप कंपनियों के मार्केट वैल्यू में रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹49 लाख करोड़ की कमी आई है। ACE इक्विटी के आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी की 47 कंपनियों ने अपने रिकॉर्ड हाई मार्केट कैप से कुल ₹48.77 लाख करोड़ गंवाए हैं।
इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान TCS को हुआ है। इसके अलावा HDFC बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों के निवेशकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन चार कंपनियों के साथ कुछ अन्य बड़ी कंपनियों को मिलाकर करीब ₹20 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू कम हुई है।
TCS को सबसे बड़ा झटका
मार्केट कैप में गिरावट के मामले में TCS सबसे आगे है। कंपनी का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 49 फीसदी नीचे आ चुका है। रिकॉर्ड स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹16.48 लाख करोड़ था, जो घटकर करीब ₹8.47 लाख करोड़ रह गया है। यानी कंपनी की मार्केट वैल्यू में करीब ₹8 लाख करोड़ की कमी आई है।
HDFC बैंक और रिलायंस को भी बड़ा नुकसान
देश के बड़े निजी बैंक HDFC Bank के मार्केट कैप में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। शेयर अपने पीक से करीब 29.4 फीसदी नीचे आने के बाद कंपनी ने लगभग ₹4.40 लाख करोड़ की मार्केट वैल्यू गंवाई है।
वहीं, देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Reliance Industries के मार्केट कैप में करीब ₹3.94 लाख करोड़ की कमी आई है। दूसरी तरफ Infosys ने लगभग ₹3.66 लाख करोड़ गंवाए हैं।
ITC का शेयर भी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 50 फीसदी नीचे है और कंपनी की मार्केट वैल्यू में लगभग ₹3.20 लाख करोड़ की गिरावट आई है।
इन पांच बड़ी कंपनियों को मिलाकर कुल मार्केट कैप में करीब ₹23.21 लाख करोड़ की कमी आई है।
IT कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव
टेक्नोलॉजी और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियां भी बाजार में दबाव झेल रही हैं। TCS, Infosys, Wipro, HCL Technologies और Tech Mahindra के मार्केट कैप में मिलाकर करीब ₹15.65 लाख करोड़ की गिरावट आई है।
Wipro अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 51.1 फीसदी नीचे आ चुका है। वहीं HCL Technologies के मार्केट कैप में करीब ₹1.83 लाख करोड़ की कमी आई है और इसका शेयर अपने पीक से लगभग 34.6 फीसदी नीचे है।
इन कंपनियों को भी हुआ भारी नुकसान
बड़ी कंपनियों में Hindustan Unilever के मार्केट कैप में करीब ₹2.39 लाख करोड़ की कमी आई है। वहीं Wipro को ₹2.09 लाख करोड़, SBI को ₹1.62 लाख करोड़ और Bharti Airtel को करीब ₹1.43 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है।
इसके अलावा Trent, ONGC, Maruti Suzuki और NTPC जैसी कंपनियों के मार्केट कैप में भी ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। कुल मिलाकर निफ्टी की 14 कंपनियों ने अपने मार्केट कैप से ₹1 लाख करोड़ से अधिक गंवाए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों के सामने सवाल है कि क्या बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी निवेश का मौका बन सकती है या बाजार का फोकस अब छोटी और तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों की ओर जा रहा है।
सैम्को म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर उमेश मेहता के मुताबिक, मौजूदा बाजार में केवल इंडेक्स के प्रदर्शन को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को अलग-अलग कंपनियों के बिजनेस, वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
किसी शेयर का अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ जाना अपने आप में खरीदारी का संकेत नहीं होता। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, कमाई, कर्ज, वैल्यूएशन और भविष्य की संभावनाओं को देखना जरूरी है।