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भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव: 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदलेगा, वीडियो में जाने AI बताएगा टिकट कंफर्म होने की संभावना

 

भारतीय रेलवे अपने यात्री सुविधा सिस्टम में एक बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रहा है। देश का करीब 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम अब पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा और उसकी जगह एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू किया जाएगारेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में यात्रियों की बुकिंग प्रणाली को अधिक आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

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नई व्यवस्था के तहत AI तकनीक यह अनुमान लगाने में मदद करेगी कि किसी यात्री का वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। इससे यात्रियों को पहले ही अपनी यात्रा की स्थिति का बेहतर अंदाजा मिल सकेगा और अनिश्चितता काफी हद तक कम हो जाएगी।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों को नए अपग्रेडेड सिस्टम पर शिफ्ट किया जाए। शुरुआत में इसे कुछ रूट्स पर लागू किया जाएगा और बाद में पूरे देश में विस्तार किया जाएगा।

वर्तमान रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम की शुरुआत वर्ष 1986 में हुई थी, जिसे उस समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया था। पिछले चार दशकों में इसमें कई छोटे-छोटे तकनीकी सुधार किए गए, लेकिन इसकी मूल संरचना काफी हद तक पुरानी ही बनी रही। बढ़ती यात्रियों की संख्या और डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए अब इसे पूरी तरह नया रूप दिया जा रहा है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नया सिस्टम केवल बुकिंग प्रक्रिया को ही नहीं बदलेगा, बल्कि डेटा एनालिटिक्स और AI मॉडल की मदद से ट्रैफिक पैटर्न, वेटिंग लिस्ट और सीट उपलब्धता का बेहतर अनुमान भी लगाएगा। इससे ट्रेन संचालन और सीट मैनेजमेंट अधिक कुशल होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता और सुविधा के रूप में मिलेगा। अभी तक यात्रियों को वेटिंग टिकट की स्थिति को लेकर अंतिम समय तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन नए सिस्टम में पहले से ही संभावित कंफर्मेशन की जानकारी मिल सकेगी।रेल मंत्रालय का कहना है कि यह कदम भारतीय रेलवे को डिजिटल युग के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में टिकट बुकिंग, ट्रेनों की योजना और यात्री सेवाओं में और भी तकनीकी सुधार किए जाने की संभावना है। कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम देश की सबसे बड़ी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है, जिससे करोड़ों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।