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Bank of Baroda पर ₹1.43 लाख करोड़ के हर्जाने का मुकदमा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस; जानिए क्या है पूरा मामला

 

आज के समय में बैंकिंग सेवाएं आम लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। करोड़ों लोग पैसे जमा करने, निकालने और ऑनलाइन लेन-देन के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बैंक के खिलाफ करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये यानी 15 अरब डॉलर के हर्जाने का मुकदमा दायर किया गया है।यह मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने बैंक को नोटिस जारी किया है। इस मुकदमे में बैंक के अलावा 25 अन्य लोगों और संस्थाओं को भी पक्ष बनाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतना बड़ा मुकदमा किसने दायर किया है और बैंक पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

किसने किया बैंक ऑफ बड़ौदा पर मुकदमा?

बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ यह मुकदमा एनएमसी हेल्थकेयर (NMC Healthcare) और यूएई एक्सचेंज के संस्थापक बीआर शेट्टी की ओर से दायर किया गया है।बीआर शेट्टी ने बैंक और 25 अन्य लोगों व संस्थाओं से कुल 15 अरब डॉलर यानी करीब 1.43 लाख करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। यह मामला बैंक के कुछ पुराने वित्तीय लेन-देन और लोन से जुड़े फैसलों को लेकर उठे विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

मामले के केंद्र में पैसों के कथित गलत इस्तेमाल, फंड से जुड़ी गड़बड़ियों और विवादित गारंटी के आरोप हैं। बीआर शेट्टी की ओर से दायर मुकदमे में बैंक के लोन देने के फैसलों और उनकी कंपनियों के साथ हुए वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाए गए हैं।शेट्टी का दावा है कि इन घटनाओं से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनकी कारोबारी छवि को भी नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने बैंक और अन्य संबंधित पक्षों से भारी-भरकम मुआवजे की मांग की है।हालांकि, ये सभी आरोप मुकदमे में किए गए दावों का हिस्सा हैं। इनकी सच्चाई का फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध सबूतों के आधार पर होगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने क्या कहा?

इस मामले पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने 29 अक्टूबर को कहा था कि उसे मुकदमे की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है। बैंक ने यह भी आरोप लगाया था कि तिमाही नतीजों से पहले इस मामले से जुड़ी जानकारी लीक की गई।बैंक ने इस कथित लीक को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने की बात भी कही थी। फिलहाल बैंक का पक्ष और मामले से जुड़े सभी दस्तावेज अदालत की प्रक्रिया के दौरान सामने आ सकते हैं।

वकीलों ने कोर्ट से क्या मांग की?

बीआर शेट्टी की ओर से पेश वकीलों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मांग की कि बैंक के पास इस विवाद से संबंधित जो भी दस्तावेज मौजूद हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए।वकीलों की इस मांग पर अदालत ने बैंक ऑफ बड़ौदा को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित बताई गई है।

क्या बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगा इसका असर?

इस खबर के सामने आने के बाद बैंक के ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या इस मुकदमे का उनके बैंक खाते, जमा पैसों या रोजमर्रा के लेन-देन पर कोई असर पड़ेगा?फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि इस मुकदमे के कारण आम ग्राहकों की बैंकिंग सेवाओं पर तत्काल कोई असर पड़ने वाला है। यह मामला मुख्य रूप से पुराने वित्तीय लेन-देन, लोन से जुड़े फैसलों और हर्जाने की मांग को लेकर है।