Bank Loan Interest Rate Hike: PNB, Bank of Baroda समेत 6 बैंकों ने बढ़ाईं ब्याज दरें, होम लोन की EMI पर पड़ेगा असर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद कई बैंकों ने अपनी लेंडिंग दरों में बढ़ोतरी कर दी है। Punjab National Bank (PNB), Indian Bank, Bank of Baroda (BoB), Bank of India (BoI), Indian Overseas Bank (IOB) और Tamilnad Mercantile Bank ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में बदलाव किया है। इन बैंकों की नई दरें 8 अक्टूबर 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई है।
इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनके होम लोन या अन्य कर्ज की ब्याज दर रेपो रेट से जुड़े बेंचमार्क पर आधारित है। ऐसे ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन चुकाने की अवधि लंबी हो सकती है।
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया
दी गई जानकारी के मुताबिक, RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की। इसके बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया।
रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव होने से बैंकों की फंडिंग लागत और रेपो से जुड़ी कर्ज दरें प्रभावित हो सकती हैं।
PNB ने RLLR बढ़ाकर 8.35% किया
Punjab National Bank ने अपनी Repo Linked Lending Rate (RLLR) को 8.10% से बढ़ाकर 8.35% कर दिया है। नई दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई है।
बैंक के मुताबिक, संशोधित RLLR में 0.35% का Bank Strategic Premium (BSP) भी शामिल है। हालांकि, PNB ने अपनी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate (MCLR) और बेस रेट में बदलाव नहीं किया है।
Indian Bank और Bank of Baroda की नई दरें
Indian Bank ने अपनी Repo Linked Benchmark Lending Rate (RBLR) को 7.95% से बढ़ाकर 8.20% कर दिया है। वहीं, Bank of Baroda ने Repo Based Lending Rate को 7.90% से बढ़ाकर 8.15% किया है।
दोनों बैंकों की संशोधित दरें 8 अक्टूबर से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। इन बदलावों के बाद संबंधित बेंचमार्क से जुड़े नए और मौजूदा लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।
Bank of India, IOB और Tamilnad Mercantile Bank ने भी बढ़ाईं दरें
Bank of India और Indian Overseas Bank ने अपनी Repo Based Lending Rate बढ़ाकर 8.35% कर दी है। वहीं, Tamilnad Mercantile Bank ने अपनी Repo Linked Lending Rate को 8.25% से बढ़ाकर 8.50% किया है।
इन संशोधित दरों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि ग्राहक का लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और उसके लोन समझौते में ब्याज दर बदलने की क्या शर्तें दी गई हैं।
छह बैंकों की संशोधित लेंडिंग दरें
| बैंक |
पुरानी दर |
नई दर |
| Punjab National Bank |
8.10% |
8.35% |
| Indian Bank |
7.95% |
8.20% |
| Bank of Baroda |
7.90% |
8.15% |
| Bank of India |
— |
8.35% |
| Indian Overseas Bank |
— |
8.35% |
| Tamilnad Mercantile Bank |
8.25% |
8.50% |
नोट: Bank of India और Indian Overseas Bank की पुरानी दरें उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई हैं। दरों की पुष्टि संबंधित बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस से करें।
ग्राहकों की EMI पर क्या असर पड़ेगा?
रेपो लिंक्ड ब्याज दर बढ़ने से संबंधित लोन महंगे हो सकते हैं। इसका असर मुख्य रूप से उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिनके लोन की ब्याज दर बाहरी बेंचमार्क यानी रेपो रेट से जुड़ी है।
बैंक आम तौर पर इसका असर दो तरीकों से लागू कर सकते हैं:
- EMI बढ़ाकर: ग्राहक को हर महीने पहले से ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है।
- लोन की अवधि बढ़ाकर: EMI को लगभग समान रखते हुए कर्ज चुकाने का समय बढ़ाया जा सकता है, यदि बैंक और लोन की शर्तें इसकी अनुमति देती हों।
हालांकि, हर ग्राहक की EMI तुरंत नहीं बढ़ेगी। ब्याज दर में बदलाव कब लागू होगा, यह लोन के रीसेट शेड्यूल, बेंचमार्क और बैंक की शर्तों पर निर्भर करता है।
पुराने और नए लोन लेने वालों को क्या करना चाहिए?
नया होम लोन या अन्य कर्ज लेने की योजना बना रहे लोगों को अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की तुलना करनी चाहिए। मौजूदा ग्राहक अपने बैंक से यह पता कर सकते हैं कि उनका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और नई दर लागू होने पर EMI या अवधि में कितना बदलाव होगा।
महत्वपूर्ण: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। RBI की रेपो रेट में कथित बढ़ोतरी और छह बैंकों की संशोधित दरों की तारीख सहित सभी आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक RBI और बैंक घोषणाओं से सत्यापित करना जरूरी है।