महंगाई का एक और झटका! त्योहारों से पहले महंगी हो सकती हैं दालें, चना से अरहर तक बढ़े दाम
देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ सकता है। चीनी, प्याज और खाद्य तेल जैसी जरूरी चीजों के दामों में तेजी के बाद अब दालों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बाजार में दालों की आपूर्ति कम होने और फसल प्रभावित होने के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में त्योहारों से पहले दालों के दाम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मुंबई के वाशी स्थित एपीएमसी थोक बाजार में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान दालों की आवक में कमी आई है। इसकी एक प्रमुख वजह महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कम बारिश और सूखे के कारण फसलों को हुआ नुकसान बताया जा रहा है। यदि आपूर्ति में सुधार नहीं होता है, तो इसका असर आने वाले दिनों में ग्राहकों की जेब पर और पड़ सकता है।
थोक बाजार में 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़े दाम
दालों की कीमतों में तेजी का असर थोक बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चना, अरहर और मूंग दाल के भाव पहले की तुलना में बढ़ गए हैं। कुछ किस्मों की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
थोक बाजार में दालों के भाव इस प्रकार बताए गए हैं:
| दाल |
पहले की कीमत |
नई कीमत |
| चना दाल |
₹72 प्रति किलो |
₹82 प्रति किलो |
| अरहर दाल |
₹90 प्रति किलो |
₹105 प्रति किलो |
| मूंग दाल |
₹95 प्रति किलो |
₹105 प्रति किलो |
इन बढ़ी हुई कीमतों का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ रहा है। हालांकि, अलग-अलग शहरों, दुकानों और दालों की गुणवत्ता के अनुसार ग्राहकों को अलग-अलग भाव चुकाने पड़ सकते हैं।
खुदरा बाजार में भी महंगी हुई दालें
थोक बाजार में कीमतें बढ़ने के साथ ही खुदरा दुकानों पर भी दालों के दाम बढ़ने की जानकारी सामने आई है। चना दाल की कीमत 110 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो बताई गई है। वहीं, अरहर दाल के भाव 120 रुपये से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
| दाल |
पहले की कीमत |
नई कीमत |
| चना दाल |
₹110 प्रति किलो |
₹130 प्रति किलो |
| अरहर दाल |
₹120 प्रति किलो |
₹150 प्रति किलो |
| मूंग दाल |
जानकारी उपलब्ध नहीं |
₹140 प्रति किलो |
खुदरा कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी से उन परिवारों पर अधिक असर पड़ सकता है, जिनके रोजाना के भोजन में दाल अहम हिस्सा होती है। दालों के महंगे होने से मासिक घरेलू खर्च बढ़ने की आशंका है।
महाराष्ट्र में क्यों बढ़ रहे हैं दालों के दाम?
दालों की कीमतों में तेजी के पीछे फसलों की कम पैदावार और बाजार में सीमित आपूर्ति को प्रमुख वजह माना जा रहा है। महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती प्रभावित हुई है। इसके चलते बाजार में फसलों की आवक कम हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
इसके अलावा, देश के अन्य कृषि क्षेत्रों में भी उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में दालों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कीमतों में आगे कितनी वृद्धि होगी, यह आने वाली फसल की स्थिति, बाजार में आपूर्ति और मांग पर निर्भर करेगा।
त्योहारों से पहले आम लोगों की बढ़ सकती है परेशानी
त्योहारों के दौरान घरों में खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में यदि दालों की आपूर्ति सामान्य नहीं होती और कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो उपभोक्ताओं को ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
फिलहाल ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद बाजार में दालों की आवक और उत्पादन की स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि आपूर्ति में सुधार होता है, तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है। वहीं, कमी जारी रहने पर त्योहारों से पहले दालें आम लोगों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती हैं।