×

महंगा हुआ हवाई सफर! Air India हर हफ्ते घटाएगी 800 उड़ानें, वीडियो में जाने Indigo भी कर सकती है बड़ी कटौती

 

देश में हवाई यात्रियों को आने वाले महीनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन एअर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 के बीच अपनी घरेलू उड़ानों में बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है। कंपनी हर हफ्ते करीब 800 घरेलू उड़ानें कम करेगी। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह जेट फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है। वहीं खबर यह भी है कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो भी घरेलू उड़ानों में 5% से 7% तक कटौती कर सकती है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/LpPLVXheMV8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/LpPLVXheMV8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640"> <a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/LpPLVXheMV8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/LpPLVXheMV8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

एअर इंडिया फिलहाल हर हफ्ते करीब 4400 उड़ानें संचालित कर रही है। इनमें लगभग 3600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। कंपनी ने घरेलू उड़ानों में करीब 22% तक कटौती का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर कई प्रमुख रूट्स पर देखने को मिल सकता है।एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल पर पड़ा है। एयरलाइंस कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग खर्च में फ्यूल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए कंपनियां उड़ानों में कटौती जैसे कदम उठा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक एअर इंडिया उन रूट्स पर सबसे ज्यादा असर डाल सकती है जहां यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है या जहां कई एयरलाइंस के बीच ज्यादा प्रतिस्पर्धा है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन शहरों या रूट्स पर उड़ानें घटाई जाएंगी।दूसरी तरफ एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंडिगो भी घरेलू उड़ानों में 5% से 7% तक कटौती कर सकती है। हालांकि इंडिगो ने अभी इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन अगर ऐसा होता है तो देश के एविएशन सेक्टर पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इंडिगो भारतीय घरेलू विमानन बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों में कटौती का सीधा असर यात्रियों की जेब पर भी पड़ सकता है। कम उड़ानों के कारण टिकटों की मांग बढ़ सकती है, जिससे किराए में तेजी आने की संभावना है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यात्रियों को महंगे टिकटों का सामना करना पड़ सकता है।एयरलाइन कंपनियां फिलहाल लागत घटाने और संचालन को संतुलित करने की कोशिश में जुटी हैं। कई कंपनियां नए विमानों की डिलीवरी में देरी, फ्यूल कॉस्ट और वैश्विक आर्थिक दबाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में एविएशन सेक्टर में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट बुकिंग समय रहते कर लें, क्योंकि उड़ानों में कटौती के बाद कई रूट्स पर सीटों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।