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पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सरकार का बड़ा फैसला, फुटेज में जानें एक्सपोर्ट पर 3 रूपए प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स लागू

 

देश में हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के लिए नियमों में अहम बदलाव किए हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति पर दबाव को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

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जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात और युद्ध जैसे हालातों ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने तेल निर्यात पर नया विंडफॉल टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 3 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर डीजल और जेट फ्यूल (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर टैक्स में राहत दी गई है।

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल उन पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होगा जो देश से बाहर निर्यात किए जाते हैं। घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इस टैक्स का सीधा असर नहीं पड़ेगा।

सरकार का मानना है कि इस कदम से देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी और घरेलू आपूर्ति पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और कीमतों का फायदा तेल कंपनियों को अत्यधिक रूप से न मिले, इसके लिए यह टैक्स व्यवस्था लागू की गई है।

तेल विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते आने वाले समय में ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों के बड़े उतार-चढ़ाव से बचाने की कोशिश माना जा रहा है।

इस फैसले के बाद देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।