अडानी की कंपनियों में 86 लाख शेयरों का ट्रांजैक्शन, किसने खरीदा, कौन बेचने वाला?
अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में शुक्रवार को बड़ी ब्लॉक डील हुई। करीब 86 लाख शेयरों का लेनदेन 2,498 करोड़ रुपये में हुआ। खास बात यह है कि इस सौदे में खरीदार और बेचने वाली दोनों कंपनियां अडानी ग्रुप की प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, यह सौदा औसतन 2,905 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ।
अडानी प्रॉपर्टीज ने खरीदे 51.50 लाख शेयर
ब्लॉक डील के तहत अडानी प्रॉपर्टीज ने अडानी एंटरप्राइजेज के 51.50 लाख शेयर खरीदे। इसके अलावा अडानी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड ने 34.50 लाख शेयर अपने खाते में लिए।दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल 86 लाख शेयर खरीदे। ये शेयर अडानी एंटरप्राइजेज की करीब 0.63 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।
Infinite Trade And Investment ने बेचे शेयर
इस सौदे के दूसरी तरफ अडानी ग्रुप की प्रमोटर इकाई Infinite Trade And Investment Ltd रही। कंपनी ने कुल 86 लाख शेयर बेचे, यानी जितने शेयर अडानी प्रॉपर्टीज और अडानी इंफ्रा ने खरीदे, उतने ही शेयर दूसरी तरफ से बेचे गए।इस बिक्री के बाद Infinite Trade And Investment की अडानी एंटरप्राइजेज में हिस्सेदारी 2.01 फीसदी से घटकर 1.38 फीसदी रह गई है।
प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी पर नहीं पड़ा असर
यह ट्रांजैक्शन एक ही प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के बीच हुआ है। इसलिए सौदे के बावजूद अडानी एंटरप्राइजेज में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की संयुक्त हिस्सेदारी में बदलाव नहीं हुआ है।यानी एक प्रमोटर इकाई ने अपनी हिस्सेदारी घटाई, जबकि दूसरी प्रमोटर इकाइयों ने उतने ही शेयर हासिल कर लिए। इसे ग्रुप के भीतर शेयरों के पुनर्विन्यास के तौर पर देखा जा सकता है।
2,498 करोड़ रुपये की रही डील
एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 86 लाख शेयरों का लेनदेन औसतन 2,905 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ। इस हिसाब से सौदे की कुल वैल्यू 2,498.30 करोड़ रुपये रही।ब्लॉक डील की खबर के बीच अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में भी कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिली। शुक्रवार को कंपनी का शेयर एनएसई पर 0.57 फीसदी की बढ़त के साथ 2,916.50 रुपये पर बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
इस तरह की बड़ी ब्लॉक डील से कंपनी के शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम और बाजार की गतिविधि पर असर पड़ सकता है। हालांकि इस मामले में खरीदार और विक्रेता दोनों प्रमोटर ग्रुप से जुड़े हैं, इसलिए इसे किसी बाहरी बड़े निवेशक के कंपनी में प्रवेश या प्रमोटर ग्रुप से बाहर निकलने के रूप में नहीं देखा जा सकता।निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक स्टॉक एक्सचेंज खुलासों, प्रमोटर शेयरहोल्डिंग और आगे होने वाले कारोबारी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश का फैसला केवल एक ब्लॉक डील के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।