6 महीने का रिपोर्ट कार्ड: सोना 20% और चांदी 43% सस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी में भी बड़ी गिरावट, जानिए क्या है वजह
साल के शुरुआती छह महीने निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरे रहे। इस दौरान, 29 जनवरी को बने रिकॉर्ड हाई से सोने की कीमतों में लगभग 20% और चांदी की कीमतों में 43% की गिरावट आई। वहीं, सेंसेक्स में 11% और निफ्टी में 8.6% की गिरावट दर्ज की गई। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेतों ने सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाला। दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण शेयर बाजार पर भी दबाव बना रहा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की निवेशकों की उम्मीदों को कम कर दिया है। इसका असर सोने की मांग पर पड़ा है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष ने ग्लोबल ग्रोथ और बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बीच शेयर बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि ETF से पैसे की निकासी और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में 2% से 5% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि, साल के अंत तक इसमें 12% से 15% की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इक्विनोमिक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर जी. चोकालिंगम का मानना है कि अगले छह महीनों में स्मॉल-कैप और मिड-कैप स्टॉक्स, सेंसेक्स और निफ्टी जैसे लार्ज-कैप इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, निफ्टी अभी कंसोलिडेशन फेज में है, जिसमें 23,730–23,700 की रेंज एक अहम सपोर्ट लेवल का काम कर रही है।
विदेशी निवेशकों की वापसी में समय लगेगा
आकर्षक वैल्यूएशन और रिकवरी की गुंजाइश: स्मॉल-कैप सेगमेंट के कई स्टॉक्स अभी भी अपने सितंबर 2024 के हाई से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जिससे आकर्षक वैल्यूएशन मिल रहा है। इसके अलावा, यह सेगमेंट अनोखे बिजनेस मॉडल, अधिग्रहण के मौके और बेहतरीन वैल्यू देता है। FIIs की वापसी में समय लगेगा: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को बाजार में पूरी तरह लौटने में एक या दो तिमाही और लग सकती हैं। वे रुपये के एक्सचेंज रेट के स्थिर होने का इंतजार करेंगे।
ज्वेलर से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का ध्यान रखें:
सिर्फ सर्टिफाइड सोना खरीदें: हमेशा सर्टिफाइड सोना ही खरीदें जिस पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का हॉलमार्क हो। यह नंबर अल्फा-न्यूमेरिक होता है—जैसे AZ4524। हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता (कैरेट) का पता चलता है।
कीमत जांचें: खरीदने के दिन सोने का सही वज़न और कीमत अलग-अलग स्रोतों (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से पता करें। सोने की कीमत उसकी शुद्धता के आधार पर अलग-अलग होती है: 24-कैरेट, 22-कैरेट और 18-कैरेट।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके:
चुंबक टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती है। अगर यह चिपकती है, तो यह नकली है।
बर्फ टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखें। असली चांदी पर बर्फ जल्दी पिघलती है।
गंध टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती है। नकली चांदी से तांबे जैसी गंध आती है।
कपड़ा टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काले निशान दिखाई दें, तो यह असली है।
इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24-कैरेट सोने की कीमत ₹5,097 घटकर ₹1.40 लाख हो गई है। इससे पहले, 20 जून को यह ₹1.45 लाख थी। वहीं, चांदी की कीमत ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम से घटकर ₹2.17 लाख हो गई है - यानी इसमें ₹15,432 की गिरावट आई है।