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बजट कारों में भी सुरक्षा की गारंटी: Aumovio ला रही बिना रडार वाला सिंगल-कैमरा ADAS, घटेंगे गाड़ियों के दाम!

 

आज के समय में नई कार खरीदते वक्त ग्राहक सिर्फ माइलेज, फीचर्स और कीमत ही नहीं देखते, बल्कि सेफ्टी फीचर्स पर भी खास ध्यान देते हैं। इनमें ADAS यानी Advanced Driver Assistance System तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह तकनीक ड्राइवर को कई तरह की संभावित दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करती है।

हालांकि, अभी तक ADAS ज्यादातर महंगी और प्रीमियम कारों या उनके टॉप वेरिएंट तक ही सीमित रहा है। इसकी बड़ी वजह इस तकनीक में इस्तेमाल होने वाले महंगे कैमरे, रडार और अन्य सेंसर हैं। लेकिन अब ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी Aumovio (ओमोवियो) इस तस्वीर को बदलने की तैयारी कर रही है।

कंपनी भारत में एक किफायती सिंगल स्मार्ट कैमरा ADAS सिस्टम पेश करने की योजना बना रही है। इसे 1V सिस्टम के नाम से भी जाना जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसमें महंगे रडार या लिडार की जरूरत नहीं होगी।

सिर्फ एक कैमरे से काम करेगा ADAS

आमतौर पर आधुनिक ADAS सिस्टम में कई कैमरों के साथ रडार और कई बार लिडार जैसे सेंसर का इस्तेमाल किया जाता है। इससे सिस्टम की क्षमता तो बढ़ती है, लेकिन कार की कीमत भी बढ़ जाती है।

Aumovio का नया सिस्टम सिर्फ एक स्मार्ट कैमरे की मदद से कई ड्राइवर-असिस्टेंस फीचर्स उपलब्ध कराने पर काम करता है। कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम भारतीय सड़कों और यहां के चुनौतीपूर्ण ट्रैफिक माहौल को ध्यान में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

मिलेंगे ये प्रमुख सेफ्टी फीचर्स

सिंगल-कैमरा सिस्टम होने के बावजूद इसमें कई महत्वपूर्ण ड्राइविंग असिस्ट फीचर्स दिए जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें शामिल हैं:

  • Lane Departure Warning: अगर कार अपनी लेन से बाहर जाने लगे तो ड्राइवर को चेतावनी मिलेगी।
  • Lane Keep Assist: कार को लेन में बनाए रखने में सिस्टम मदद करेगा।
  • Emergency Brake Assist: संभावित टक्कर की स्थिति में ब्रेकिंग में सहायता करेगा।
  • Adaptive Cruise Control: आगे चल रही कार के हिसाब से स्पीड को एडजस्ट करने में मदद करेगा।

इस तरह एक ही कैमरा सिस्टम ड्राइवर को ड्राइविंग के दौरान कई स्तरों पर सहायता दे सकता है।

L2 से L2+ तक अपग्रेड होने की क्षमता

Aumovio का कहना है कि उसका यह सिस्टम Level-2 ADAS क्षमता के साथ काम कर सकता है। कंपनी की योजना इसे भविष्य में L2+ क्षमता तक ले जाने की भी है।

खास बात यह है कि इसके लिए हर बार नया हार्डवेयर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए सिस्टम की क्षमताओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक फीचर्स और उनकी उपलब्धता कार निर्माता के इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी।

AI और डीप लर्निंग का इस्तेमाल

इस ADAS सिस्टम में AI और डीप-लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य कैमरे से मिलने वाली जानकारी को समझकर सड़क पर मौजूद वाहनों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर सही प्रतिक्रिया देना है।

भारत जैसे देश में जहां ट्रैफिक काफी अलग-अलग परिस्थितियों वाला होता है, वहां इस तरह की तकनीक खास तौर पर उपयोगी साबित हो सकती है।

बजट कारों के लिए क्यों है बड़ा बदलाव?

भारत में 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों में कंपनियां आमतौर पर लागत को लेकर काफी सावधानी बरतती हैं। महंगे रडार और मल्टी-कैमरा ADAS सिस्टम की लागत बढ़ने से बजट कारों में इन्हें शामिल करना मुश्किल होता है।

सिंगल-कैमरा सिस्टम इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग और फिटिंग लागत मल्टी-कैमरा या रडार आधारित सिस्टम की तुलना में कम हो सकती है।

अगर कार निर्माता इसे बड़े पैमाने पर अपनाते हैं, तो आने वाले समय में ADAS सिर्फ महंगी कारों तक सीमित नहीं रहेगा और बजट सेगमेंट में भी यह तकनीक देखने को मिल सकती है।

Bharat NCAP 2.0 से भी बढ़ेगा सेफ्टी पर जोर

आने वाले वर्षों में भारत में कार सेफ्टी को लेकर नियम और सख्त होने की उम्मीद है। Bharat NCAP 2.0 के प्रस्तावित बदलावों के साथ कारों की क्रैश सेफ्टी के साथ-साथ दुर्घटना रोकने वाली तकनीकों पर भी ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।

नए मूल्यांकन में कार को अलग-अलग सुरक्षा मानकों पर स्कोर दिया जाएगा। इनमें दुर्घटना होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा के अलावा दुर्घटना को रोकने या उसकी गंभीरता कम करने वाली तकनीक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल करना हो सकता है चुनौतीपूर्ण

भविष्य में बेहतर सेफ्टी रेटिंग हासिल करने के लिए एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स की भूमिका बढ़ सकती है। ऐसे में ADAS जैसे सिस्टम कार कंपनियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

अगर कम लागत वाला सिंगल-कैमरा ADAS सिस्टम बड़े पैमाने पर उपलब्ध होता है, तो इससे कंपनियों को अपनी बजट कारों में भी आधुनिक सेफ्टी तकनीक जोड़ने में मदद मिल सकती है।

क्या बदल जाएगा कार खरीदने वालों के लिए?

अगर Aumovio का यह सिस्टम भारतीय बजट कारों में सफलतापूर्वक इस्तेमाल होता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को मिल सकता है। अभी ADAS पाने के लिए अक्सर महंगे वेरिएंट या प्रीमियम कार का चुनाव करना पड़ता है।

भविष्य में संभव है कि कम कीमत वाली कारों में भी लेन असिस्ट, इमरजेंसी ब्रेकिंग और अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स उपलब्ध हों।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ADAS ड्राइवर का विकल्प नहीं है। यह ड्राइविंग में सहायता करने वाली तकनीक है और वाहन चलाते समय ड्राइवर को हमेशा सड़क पर पूरा ध्यान रखना होगा।

कुल मिलाकर, Aumovio का सिंगल-कैमरा ADAS सिस्टम भारत के बजट कार सेगमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव साबित हो सकता है। अगर इसकी लागत वास्तव में कम रहती है और कार निर्माता इसे बड़े स्तर पर अपनाते हैं, तो आने वाले समय में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स आम कार खरीदारों की पहुंच में भी आ सकते हैं।