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अब नई कार खरीदने के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे! 1 जुलाई से लागू हुई नई कीमतें, EMI भी होगी ज्यादा

 

आज से भारतीय ग्राहकों के लिए नई कार खरीदना महंगा हो गया है। मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स जैसे बड़े ब्रांड्स ने अपनी एक्स-शोरूम कीमतें बढ़ा दी हैं। इस बदलाव का असर एंट्री-लेवल हैचबैक से लेकर प्रीमियम SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) तक, सभी पर पड़ेगा। नई कीमतें मंगलवार सुबह से होने वाले सभी बिलिंग ट्रांज़ैक्शन पर लागू होंगी।

कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उन कार खरीदारों के मासिक बजट पर पड़ेगा जो फाइनेंस पर कार ले रहे हैं। अभी ब्याज दरें 9.5% से 11% के बीच हैं, इसलिए आपकी EMI में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। कार मॉडल और लोन की अवधि के आधार पर, ग्राहकों को हर महीने ₹1,000 से ₹1,500 तक ज़्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।

1 जुलाई से कीमतों में बढ़ोतरी: दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों पर क्या असर होगा?

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में ऑन-रोड कीमतें भी बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण इंश्योरेंस प्रीमियम और RTO टैक्स में बदलाव है। डीलरों ने साफ किया है कि कार की अंतिम कीमत बुकिंग की तारीख के बजाय इनवॉइस (बिलिंग) की तारीख से तय होगी। इसका मतलब है कि जो ग्राहक लंबे समय से डिलीवरी का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें भी नई और बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी।

समझदारी से खरीदारी करें: अभी भी बचत का मौका है
नई फैमिली कार खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। कई ब्रांड्स पिछले कुछ महीनों में लॉन्च हुए मॉडल्स पर 'प्राइस प्रोटेक्शन' (कीमत सुरक्षा) दे रहे हैं। इसके अलावा, कई डीलर जून का पुराना स्टॉक पुरानी कीमत पर बेचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इन्वेंट्री जल्दी खत्म हो सके। समझदार खरीदारों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी से बचने का यह एक छोटा लेकिन बेहतरीन मौका है।

अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो स्टॉक खत्म होने से पहले जल्दी फैसला लें। यह समझने के लिए कि इन बदलावों का आपकी पसंदीदा कार पर क्या असर पड़ेगा, अपनी स्थानीय डीलरशिप से संपर्क करें। इन आर्थिक बदलावों के बारे में जानकारी रखने से आपको बेहतर और किफायती डील मिल सकती है। भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट अभी इन नए आर्थिक और रेगुलेटरी दबावों के हिसाब से खुद को ढालने की कोशिश कर रहा है।