टोल अनपेड पर नई परेशानी! गाड़ी के रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर में हो सकती है अड़चन, जाने खाई सरकार का नया नियम
सरकार टोल के बारे में नए-नए नियम लाती रहती है और मौजूदा नियमों में भी बदलाव करती रहती है। हालांकि, इस बार सरकार ने जो नियम लागू किया है, उसे जानना आपके लिए बहुत ज़रूरी है, खासकर अगर आपके पास कोई कार या कोई ऐसा वाहन है जिस पर टोल लगता है। सरकार ने नियमों को सख्त कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई टोल देने से मना करता है या टोल नहीं देता है, तो वाहन से जुड़ी सभी ज़रूरी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इसकी निगरानी FASTag सिस्टम में बकाया राशि के आधार पर की जाएगी।
टोल का भुगतान न करने पर ज़रूरी वाहन सेवाएं बंद कर दी जाएंगी
सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अगर किसी वाहन पर हाईवे टोल बकाया है, तो उससे जुड़ी ज़रूरी सेवाएं बंद की जा सकती हैं। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसमें कहा गया है कि टोल का भुगतान किए बिना वाहन का ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जारी करना रोका जा सकता है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर टोल प्लाजा से गुजरते समय वाहन की एंट्री सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती है, लेकिन पेमेंट नहीं होता है, तो भी उस रकम को बकाया माना जाएगा।
‘केंद्रीय मोटर वाहन नियमों’ में संशोधन करके नए नियम लागू किए गए
सरकार ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियमों’ में संशोधन करके एक नया नियम लागू किया है, और अब, अगर किसी वाहन पर FASTag या मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में टोल बकाया दिखता है, तो उसे किसी दूसरे राज्य या व्यक्ति को वाहन ट्रांसफर करने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिलेगा, और फिटनेस सर्टिफिकेट भी रिन्यू नहीं होगा। यहां तक कि कमर्शियल वाहनों को भी नेशनल परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
NOC आवेदन के समय टोल का विवरण देना ज़रूरी होगा
इसके साथ ही, अब NOC के लिए आवेदन करते समय यह बताना भी ज़रूरी होगा कि वाहन पर कोई टोल बकाया है या नहीं। सरकार का कहना है कि ये कदम हाईवे पर टोल कलेक्शन को ज़्यादा पारदर्शी बनाने, डिजिटल सिस्टम को मज़बूत करने और टोल चोरी को रोकने के लिए उठाए गए हैं। देश भर में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू होने के बाद भविष्य में इन नियमों को और भी सख्ती से लागू किया जाएगा।