Hydrogen Cars: पेट्रोल-डीजल से अलग हाइड्रोजन से चलती हैं ये 5 गाड़ियां, जानें फीचर्स और खासियत
दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए वाहन कंपनियां नई तकनीकों पर काम कर रही हैं। इलेक्ट्रिक कारों के साथ-साथ हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक भी भविष्य के विकल्प के रूप में देखी जा रही है। इस तकनीक में हाइड्रोजन की मदद से बिजली बनाई जाती है, जिससे इलेक्ट्रिक मोटर गाड़ी को चलाती है। BMW, Hyundai, Honda और Toyota जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में अलग-अलग मॉडल और कॉन्सेप्ट विकसित कर चुकी हैं। आइए जानते हैं हाइड्रोजन तकनीक से जुड़ी पांच खास गाड़ियों के बारे में।
1. BMW iX5 Hydrogen
BMW iX5 Hydrogen कंपनी की हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक के परीक्षण के लिए विकसित की गई SUV है। इसमें फ्यूल सेल हाइड्रोजन से बिजली बनाता है, जबकि इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को चलाती है।
इस गाड़ी का उद्देश्य यह समझना है कि हाइड्रोजन आधारित इलेक्ट्रिक ड्राइव अलग-अलग परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करती है। इसे सामान्य ग्राहकों के लिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध SUV नहीं समझना चाहिए। भविष्य में इसकी उपयोगिता उन बाजारों में बढ़ सकती है, जहां हाइड्रोजन उत्पादन और ईंधन भरने का नेटवर्क बेहतर तरीके से विकसित हो।
फिलहाल BMW iX5 Hydrogen भारत में आम ग्राहकों के लिए बिक्री पर उपलब्ध नहीं है।
2. Hyundai Nexo
Hyundai Nexo एक हाइड्रोजन फ्यूल सेल SUV है, जिसे इस तकनीक के इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है। इसमें हाइड्रोजन से बिजली तैयार होती है और इलेक्ट्रिक मोटर गाड़ी को आगे बढ़ाती है।
SUV के डिजाइन वाली इस कार में केबिन स्पेस और रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखा गया है। इसकी रेंज मॉडल, वेरिएंट और टेस्टिंग मानकों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
हालांकि, Nexo को चलाने के लिए हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन की जरूरत होती है। यही वजह है कि इसकी उपलब्धता उन बाजारों तक सीमित रहती है, जहां हाइड्रोजन भरने की पर्याप्त सुविधा मौजूद है। भारत में यह आम बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
3. Hyundai Initium
Hyundai Initium कंपनी की भविष्य की हाइड्रोजन तकनीक और डिजाइन को प्रदर्शित करने वाला कॉन्सेप्ट SUV मॉडल है। इसे सामान्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध प्रोडक्शन कार के बजाय भविष्य की फ्यूल सेल गाड़ियों की दिशा दिखाने के उद्देश्य से पेश किया गया था।
इसके डिजाइन में मजबूत SUV लुक और परिवार के इस्तेमाल के अनुकूल बनावट पर जोर दिया गया है। इस कॉन्सेप्ट के जरिए कंपनी ने हाइड्रोजन मोबिलिटी को आगे बढ़ाने की अपनी योजना दिखाई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कॉन्सेप्ट कार में दिखाई गई हर तकनीक या सुविधा जरूरी नहीं कि भविष्य के प्रोडक्शन मॉडल में भी शामिल हो। इसके अंतिम फीचर्स, रेंज और उपलब्धता की जानकारी संबंधित उत्पादन मॉडल की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी। भारत में इसकी बिक्री की घोषणा नहीं हुई है।
4. Honda CR-V e
Honda CR-V e हाइड्रोजन फ्यूल सेल और प्लग-इन चार्जिंग तकनीक का संयोजन पेश करती है। इसमें फ्यूल सेल हाइड्रोजन से बिजली बनाता है और इलेक्ट्रिक मोटर गाड़ी को चलाती है। साथ ही, इसकी बैटरी को बाहरी बिजली स्रोत से भी चार्ज किया जा सकता है।
इसकी खासियत यह है कि इसमें हाइड्रोजन से बिजली बनाने के साथ बैटरी चार्ज करने का विकल्प भी मिलता है। इससे उन बाजारों में उपयोगिता बढ़ सकती है, जहां हाइड्रोजन और चार्जिंग दोनों सुविधाएं उपलब्ध हों।
हालांकि, यह मॉडल चुनिंदा बाजारों में ही उपलब्ध है। भारत में इसे आम ग्राहकों के लिए नियमित रूप से बिक्री पर उपलब्ध कार नहीं माना जा सकता।
5. Toyota Mirai
Toyota Mirai दुनिया की प्रमुख हाइड्रोजन फ्यूल सेल कारों में शामिल है। इसमें हाइड्रोजन टैंक, फ्यूल सेल स्टैक और इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया जाता है। फ्यूल सेल हाइड्रोजन और हवा में मौजूद ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली बनाता है, जिससे कार चलती है।
इस प्रक्रिया में कार के टेलपाइप से मुख्य रूप से पानी निकलता है। कुछ बाजारों और वेरिएंट में इसकी अनुमानित ड्राइविंग रेंज करीब 650 किलोमीटर तक बताई जाती है, हालांकि वास्तविक रेंज ड्राइविंग परिस्थितियों और टेस्टिंग मानकों पर निर्भर करती है। हाइड्रोजन भरने में आमतौर पर कुछ मिनट लग सकते हैं, बशर्ते उपयुक्त रिफ्यूलिंग स्टेशन उपलब्ध हो।
Mirai के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में हाइड्रोजन स्टेशनों की सीमित संख्या और ईंधन की लागत शामिल हैं। यह कार भी भारत में आम ग्राहकों के लिए नियमित बिक्री पर उपलब्ध नहीं है।
भारत में हाइड्रोजन कारों का भविष्य कैसा है?
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में लंबी दूरी की यात्रा और तेजी से ईंधन भरने जैसी संभावनाएं हैं। लेकिन इसकी सफलता हाइड्रोजन की कीमत, उत्पादन के तरीके, परिवहन और रिफ्यूलिंग स्टेशनों के नेटवर्क पर निर्भर करेगी।
फिलहाल भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल हाइड्रोजन कारों की तुलना में अधिक व्यावहारिक है, क्योंकि इलेक्ट्रिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। आने वाले वर्षों में हाइड्रोजन तकनीक कितनी लोकप्रिय होगी, यह बुनियादी ढांचे के विकास और वाहन कंपनियों की योजनाओं पर निर्भर करेगा।