E20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच HPCL ने किए 3,600 से ज्यादा टेस्ट, रिपोर्ट में सामने आई ये बड़ी बातें
भारत में इथेनॉल-मिश्रित ईंधन की अनिवार्य बिक्री शुरू होने के बाद से ही यह मुद्दा सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय इलाकों तक गरमा-गरम बहस का विषय रहा है। आम लोगों की शिकायत रही है कि इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (खासकर E20) से उनके वाहनों को नुकसान हो रहा है, हालांकि सरकार ने बार-बार इस दावे को खारिज किया है। इस विवाद के बीच, सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने एक अहम कदम उठाया है। लोगों की चिंताओं को दूर करने और ईंधन के बारे में सच्चाई जानने के लिए, HPCL ने देश भर के पेट्रोल पंपों पर एक व्यापक और औचक निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें 3,600 से अधिक परीक्षण किए गए। आइए, इस बड़े परीक्षण अभियान के नतीजों पर नज़र डालते हैं।
**3,651 पेट्रोल पंपों पर परीक्षण**
इथेनॉल की गुणवत्ता से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए, HPCL के फील्ड अधिकारियों ने देश भर में फैले कंपनी के रिटेल नेटवर्क का निरीक्षण किया और कुल 3,651 निरीक्षण किए। इस बड़े अभियान में न केवल नियमित निरीक्षण शामिल थे, बल्कि अनियमितताओं का पता लगाने के लिए 7 जुलाई से 13 जुलाई के बीच 2,173 औचक छापे भी मारे गए। इसके अलावा, 1,385 नियमित फील्ड टेस्ट किए गए और कंपनी के मिलावट-रोधी विभाग ने 93 विशेष निरीक्षण किए। इस प्रक्रिया के दौरान, मोबाइल प्रयोगशालाओं का उपयोग करके मौके पर ही 49 ईंधन के नमूनों का परीक्षण किया गया।
**परीक्षण के नतीजे क्या रहे?**
देश भर में कार मालिकों की एक बड़ी चिंता यह थी कि पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल को सही अनुपात में नहीं मिलाया जा रहा था, या ईंधन में पानी और अन्य पदार्थों की मिलावट की जा रही थी। हालांकि, HPCL द्वारा जारी आधिकारिक निरीक्षण नतीजों ने इन चिंताओं को दूर कर दिया है। इस बड़े निरीक्षण अभियान के बाद, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि देश भर के किसी भी पेट्रोल पंप पर मिलावट, ईंधन में अशुद्धि या गुणवत्ता से समझौता करने का कोई मामला नहीं पाया गया। सभी नमूने सरकार द्वारा निर्धारित कड़े मानकों को पूरा करते हैं और सही इथेनॉल मिश्रण अनुपात का पालन करते हैं।