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Delhi Traffic Challan: पुराने चालान निपटाने का मौका, 25 अक्टूबर को लगेगी नेशनल लोक अदालत; ऐसे करें आवेदन
 

 

दिल्ली में पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का सामना कर रहे वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, अगली नेशनल लोक अदालत का आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इसमें पात्र वाहन मालिक पुराने कंपाउंडेबल चालानों का निपटारा करा सकेंगे। मामलों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपसी सहमति से किया जाएगा और पात्र मामलों में जुर्माने में राहत मिल सकती है।
सितंबर में प्रस्तावित थी लोक अदालत

दिल्ली में पहले नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को प्रस्तावित था। हालांकि, राजधानी में आयोजित BRICS सम्मेलन 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रतिबंधों को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया था।
इसके बाद लोक अदालत की नई तारीख को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी। अब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
किन चालानों का हो सकता है निपटारा?
25 अक्टूबर की लोक अदालत में 30 जून 2026 तक के लंबित चालान और ई-कोर्ट पोर्टल पर ट्रांसफर किए जा चुके पात्र मामलों को निपटारे के लिए लिया जाएगा।
इनमें सामान्य ट्रैफिक उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल हो सकते हैं, जैसे:
•    ओवरस्पीडिंग
•    रेड लाइट जंप करना
•    नो-पार्किंग
•    बिना हेलमेट वाहन चलाना
•    बिना सीटबेल्ट गाड़ी चलाना
•    जरूरी दस्तावेज नहीं रखना
हालांकि, शराब के नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से दुर्घटना करने और गंभीर अपराधों से जुड़े चालान लोक अदालत के दायरे में नहीं होंगे।
19 अक्टूबर से डाउनलोड होगी चालान स्लिप

लोक अदालत में मामले के निपटारे के लिए वाहन चालकों को पहले चालान स्लिप डाउनलोड करनी होगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से आधिकारिक वेबसाइट के लोक अदालत लिंक के जरिए चालान स्लिप डाउनलोड करने और टाइम स्लॉट बुक करने की सुविधा शुरू होगी।
सर्वर पर अधिक दबाव न पड़े, इसके लिए प्रतिदिन अधिकतम 50,000 चालान स्लिप डाउनलोड करने की सीमा रखी गई है। कुल 2 लाख चालान स्लिप उपलब्ध होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
ऐसे कराएं चालान का निपटारा
लोक अदालत में चालान सेटल कराने के लिए वाहन चालकों को पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद निर्धारित तारीख और समय के अनुसार संबंधित कोर्ट परिसर में पहुंचना होगा।
अपने साथ ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन की आरसी और चालान स्लिप की कॉपी रखना जरूरी होगा। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत चालान के निपटारे पर फैसला होगा।
ध्यान दें: लोक अदालत में केवल पात्र और कंपाउंडेबल मामलों का ही निपटारा किया जाएगा। हर लंबित चालान पर छूट या निपटारे की गारंटी नहीं होती।