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Delhi EV Policy Update: राजधानी में 1 जुलाई 2028 से पेट्रोल बाइक पर बैन, क्या तेल मिलना भी बंद हो जाएगा?

 

दिल्ली सरकार ने अपनी ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026-30 के तहत एक बड़ा पॉलिसी बदलाव प्रस्तावित किया है। प्रस्ताव के अनुसार, 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति को बढ़ाना है। हालाँकि, इससे वाहन मालिकों के मन में एक महत्वपूर्ण सवाल उठा है: यदि दिल्ली में नई पेट्रोल बाइक की बिक्री बंद हो जाती है, तो क्या पेट्रोल पंप भी ईंधन की आपूर्ति बंद कर देंगे? आइए इस सवाल का जवाब जानते हैं।

**मौजूदा पेट्रोल वाहन चलते रहेंगे**

प्रस्तावित पॉलिसी केवल नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाती है। यह मौजूदा पेट्रोल वाहनों पर रोक नहीं लगाती है, और न ही राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लगाती है। दिल्ली में पहले से रजिस्टर्ड पेट्रोल बाइक और कारों के मालिकों पर प्रस्तावित प्रतिबंध का कोई असर नहीं पड़ेगा। जब तक उनके वाहन मौजूदा नियमों के तहत कानूनी रूप से वैध हैं, वे उन्हें चलाना जारी रख सकते हैं और बिना किसी बदलाव के फ्यूल स्टेशनों से पेट्रोल खरीद सकते हैं। यह पॉलिसी केवल 1 अप्रैल 2028 के बाद दिल्ली की सड़कों पर नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों के आने को रोकने पर केंद्रित है।

**पेट्रोल पंप चालू रहेंगे**

दिल्ली भर में पेट्रोल स्टेशन ईंधन की आपूर्ति जारी रखेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि लाखों मौजूदा वाहनों को अभी भी पेट्रोल की आवश्यकता होगी। प्रस्तावित EV पॉलिसी में पेट्रोल की बिक्री रोकने या फ्यूल स्टेशन बंद करने का कोई प्रावधान नहीं है।

**प्रतिबंध केवल नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों पर लागू होता है**

यह प्रस्ताव विशेष रूप से नई पेट्रोल-संचालित मोटरसाइकिलों और स्कूटरों को लक्षित करता है। यदि ड्राफ्ट पॉलिसी लागू हो जाती है, तो निवासी 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएंगे।

**मौजूदा ईंधन प्रतिबंध लागू रहेंगे**

दिल्ली पहले से ही "एंड-ऑफ-लाइफ" (जीवन-काल समाप्त हो चुके) वाहनों पर प्रतिबंध लगाती है। 1 जुलाई 2025 से, 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। फ्यूल स्टेशनों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे ऐसे वाहनों की पहचान करेंगे।