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रविवार को सूर्य देव के साथ इन देवी-देवताओं की पूजा करें, दूर होंगे कष्ट और बाधाएं; जानें संपूर्ण विधि, सामग्री और मंत्र

 

हिंदू धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित माना जाता है। सूर्य देव की पूजा से आत्मविश्वास, यश, मान-सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि रविवार को भगवान विष्णु, मां दुर्गा और बाबा काल भैरव की आराधना करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से जीवन की परेशानियों और बाधाओं से राहत मिल सकती है।

रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें

रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरें। इसमें लाल फूल और अक्षत डालकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय सूर्य देव के मंत्र का जाप करें।

सूर्य मंत्र:
ॐ घृणि सूर्याय नमः।

पूजा में लाल फूल, लाल चंदन, अक्षत, धूप और दीप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सामग्री: तांबे का लोटा, जल, लाल फूल, अक्षत, लाल चंदन, धूप, दीप, फल और मिठाई।

भगवान विष्णु की पूजा से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

रविवार को भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थल की सफाई करें और घी का दीपक जलाएं। भगवान विष्णु को पीले फूल, पीला चंदन और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद विष्णु मंत्र का जाप करें।

मंत्र:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की आराधना से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

मां दुर्गा की पूजा से दूर होंगे संकट

रविवार को मां दुर्गा की पूजा भी की जा सकती है। माता को लाल फूल, सिंदूर, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर मां दुर्गा की आरती करें।

मंत्र:
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते।

मान्यता है कि मां दुर्गा की उपासना से व्यक्ति में आत्मबल बढ़ता है और वह मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होता है।

बाबा काल भैरव की करें आराधना

काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र स्वरूप माना जाता है। रविवार को उनकी पूजा करते समय सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। उन्हें फूल, नारियल, काले तिल और उड़द अर्पित किए जा सकते हैं।

मंत्र:
ॐ काल भैरवाय नमः।

कई स्थानों पर काल भैरव की पूजा के बाद काले कुत्ते को भोजन कराने की परंपरा भी है। इसे धार्मिक मान्यता के रूप में किया जाता है।

रविवार की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

पूजा के दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ देवी-देवताओं का स्मरण करें। पूजा स्थल और सामग्री साफ रखें। भोग सात्विक रखें और अपनी क्षमता के अनुसार ही पूजा सामग्री का इस्तेमाल करें। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पूजा की विधि कुछ अलग हो सकती है।