रविवार को सूर्य देव के साथ इन 3 देवी-देवताओं की करें पूजा, दूर होंगी बाधाएं; जानें संपूर्ण विधि, सामग्री और मंत्र
हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का अपना धार्मिक महत्व बताया गया है। रविवार का दिन मुख्य रूप से भगवान सूर्य को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से व्यक्ति को ऊर्जा, आत्मविश्वास, यश और सम्मान की प्राप्ति होती है। हालांकि रविवार को भगवान विष्णु, मां दुर्गा और बाबा काल भैरव की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा जीवन की परेशानियों और बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकती है।
रविवार को सूर्य देव की पूजा
रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद तांबे के लोटे में जल भरें। इसमें लाल फूल, अक्षत और चाहें तो थोड़ा गंगाजल मिलाकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप किया जा सकता है। सूर्य देव को लाल फूल और लाल चंदन अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
पूजा सामग्री: तांबे का लोटा, जल, लाल फूल, अक्षत, लाल चंदन, धूप, दीप, फल और मिठाई।
भगवान विष्णु की पूजा से बनी रहेगी खुशहाली
रविवार को भगवान विष्णु की पूजा भी की जा सकती है। पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु को पीला चंदन, तुलसी और पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि विष्णु जी की आराधना से घर में सुख-शांति और स्थिरता बनी रहती है।
मां दुर्गा की पूजा से मिलेगा साहस
रविवार को मां दुर्गा की पूजा के लिए घी का दीपक जलाएं। माता को लाल फूल, सिंदूर, लाल वस्त्र, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। पूजा के दौरान 'सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते' मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा की आराधना से व्यक्ति को संकटों का सामना करने का साहस मिलता है।
बाबा काल भैरव की पूजा
रविवार को बाबा काल भैरव की पूजा भी विशेष मानी जाती है। पूजा में फूल, पान, काले तिल, काली उड़द, नारियल और सरसों के तेल का दीपक अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद 'ॐ काल भैरवाय नमः' मंत्र का जाप करें। भैरव उपासना में काले कुत्ते को भोजन कराने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है।
रविवार की पूजा में रखें ये बातें ध्यान
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और सात्विक भाव से देवी-देवताओं का स्मरण करें। पूजा की सामग्री अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार रखें। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में रविवार की पूजा की विधि में अंतर हो सकता है। इसलिए इसे धार्मिक मान्यता के रूप में ही लें, निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं।