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श्वेतार्क गणपति की आराधना से पूरी होती हैं इच्छाएं, जानिए पूजन विधि और उपाय

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: पूजा पाठ को हिंदू धर्म में खास माना जाता हैं गणपति की साधना सभी तरह की विध्न बाधा को दूर करके सुख समृद्धि दिलाने वाली हैं श्री गणेश की साधना का महापर्व है गणेश उत्सव जो कि इस साल 10 सितंबर से आरंभ होने जा रहा हैं

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी महासिद्धि विनायक कहलाती हैं और इसी दिन से गणपति उत्सव की शुरुआत होती हैं हर शुभ कार्य के पहले की जाने वाली गणपति की साधना में उनकी विभिन्न तरह की प्रतिमाओं का अपना अलग ही महत्व हैं श्वेतार्क की गणपति प्रतिमा अत्यंत ही शुभ फल देती हैं श्वेतार्क की जड़ में गणेश जी का वास होता है और अगर इस जड़ को शास्त्रोक्त विधि से प्राप्त किया जाए और अपने घर में स्थापित किया जाए तो घर में सुख समृद्धि का वास बना रहता हैं। 

आपको बता दें कि श्वेतार्क की जड़ का आकार भी करीब श्री गणेश के आकार जैसा ही होता हैं जिसके कारण इसे श्वेतार्क गणपति कहा जाता हैं अगर इस जड़ को अपने घर में स्थापित ​करके रोजाना पूजा की जाए तो यह प्रतिमा सिद्ध हो जाती हैं और इसमें गणपति का वास हो जाता है जिसके बाद इस गणपति की प्रतिमा की पूजा का फल साधक को शीघ्र ही मिलने लगता हैं। 

श्वेतार्क की जड़ अगर आपको मिल जाए तो उसे साफ करके शुद्ध जल से स्नान कराएं और फिर लाल वस्त्र पर ​स्थापित करके उसकी रोजाना पूजा करें। श्री गणेश की पूजा में लाल चंदन, अक्षत, पुष्प,सिंदूर का प्रयोग विशेष रूप से करें। इसके धूप दीपक देकर नैवेद्य के साथ कोई सिक्का भी अर्पित करें।

इसके बाद गणपति के मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का एक माला जाप अवश्य करें। मंत्र जाप के लिए लाल माला या फिर रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना लाभकारी होता हैं। श्वेतार्क गणपति की पूजा करने पर सभी तरह की दैविक बाधाओं से रक्षा होती हैं।