×

मृत्यु के पश्चात आत्मा क्यों चीखती- चिल्लाती है

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: इस सृष्टि में जिसने भी जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और इस सत्य को कोई झूठला नहीं सकता है हिंदू धर्म ग्रंथ और शास्त्रों में मानव के जन्म से लेकर उसकी आत्मा तक के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है पुराणों में यहां तक वर्णित है कि मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है अगर आप भी मृत्यु और आत्मा से जुड़े रहस्य के बारे में जानना चाहते है तो आज का हमारा ये लेख आपके लिए ही है। 

सनातन धर्म में वैसे तो कई सारे पुराण है जिनमें ज्ञान की बातें लिखी हुई है लेकिन इन सभी महापुराणों में एक गरुड़ पुराण है जिसमें मानव मृत्यु के बारे में बहुत कुछ बताया गया है। गुरुण पुराण के अनुसार मृत्यु के समय मानव की सभी इंद्रिया नष्ट हो जाती है और वह हिल भी नहीं पाता है

उस समय अंगुष्ठ मात्र आत्मा देह से निकलती है जिसे दो यमदूत आकर पकड़ लेते है उस आत्मा को पकड़कर यमलोक में ले जाया जाता है और इस दौरान यमदूत उसको नरक में मिलने वले दुखों के बारे में विस्तार से बताते है जिसे सुनकर आत्मा चीखने और चिल्लाने लगती है

कहते है कि ये यमदूत आत्मा पर जरा भी दया नहीं दिखाते है और उसे आगे ले जाते है गरुड़ पुराण के अनुसार आत्मा को यमदूत अंधेरे रास्ते से यमलोक लेकर जाते है। गरुड़ पुराण के अनुसार यमलोक का मार्ग 99 हजार योजन होता है यमदूत यहां सजा देते है और यमराज की आज्ञा से जीवात्मा फिर से अपने घर आती है जीवात्मा ​शरीर में प्रवेश करना चाहती है लेकिन यमदूतों के बंधन से मुक्त नहीं हो पाती है वह भूख प्यास से तड़पती रहती है। कहा जाता है कि जो मनुष्य जैसे कर्म करता है उसे यमदूत उसी अनुसार सजा भी देते है जो लोग जीवन में अच्छे काम करते है उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है वही बुरे कर्म करने वालों को नरक की आग में जलना होता है।