कांवड़ का जल घर में कहां रखें? जानें सही स्थान, जलाभिषेक की विधि और जरूरी नियम
Aug 8, 2026, 05:50 IST
सावन माह में श्रद्धालु पवित्र नदियों से कांवड़ में जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कांवड़ के जल को घर में रखने और उसका उपयोग करने के भी कुछ नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं इन्हीं के बारे में।
कांवड़ का जल घर में कहां रखें?
- कांवड़ का जल पूजा घर या घर के किसी स्वच्छ और पवित्र स्थान पर रखें।
- जल के पात्र को सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी के पट्टे, चौकी या स्वच्छ आसन पर रखना शुभ माना जाता है।
- जल को ऐसी जगह रखें जहां साफ-सफाई बनी रहे और उसे अपवित्र होने से बचाया जा सके।
जलाभिषेक कैसे करें?
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक कांवड़ का जल अर्पित करें।
- जलाभिषेक के साथ बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प, भस्म और मौसमी फल अर्पित किए जा सकते हैं।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करते हुए पूजा करना शुभ माना जाता है।
- जलाभिषेक के बाद शिव आरती और प्रार्थना करें।
कांवड़ के जल से जुड़े जरूरी नियम
- कांवड़ के जल को यथासंभव स्वच्छ और ढककर रखें।
- यदि संकल्प लेकर जल लाया गया है, तो परंपरा के अनुसार उसे बिना अनावश्यक विलंब के भगवान शिव को अर्पित करना उचित माना जाता है।
- जल के पात्र में किसी अन्य प्रकार का जल या वस्तु न मिलाएं।
- जलाभिषेक के समय श्रद्धा, संयम और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- पूजा के दौरान सात्विक वातावरण बनाए रखने का प्रयास करें।