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इस साल कब मनाया जाएगा फादर्स डे? नोट कर लें ये तारीख

 

हर साल Father's Day पिता के प्यार और समर्पण का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। भारत में इसे 'पितृ दिवस' के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में, Father's Day रविवार, 21 जून को मनाया जाएगा।

**पिता का महत्व और नंद बाबा का उदाहरण**

भारतीय संदर्भ में, सबसे पहले नंद बाबा का नाम एक श्रेष्ठ पिता के रूप में सामने आता है। वे भगवान कृष्ण के पालक पिता थे। जिस निस्वार्थ प्रेम से नंद बाबा और माता यशोदा ने कान्हा (कृष्ण) और बलराम का पालन-पोषण किया, वह हर पिता के लिए एक गहरी प्रेरणा है। पिता न केवल गुरु से श्रेष्ठ होते हैं, बल्कि वे ही अपने बच्चों के मन में अच्छे विचार और नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं।

**Father's Day क्यों मनाया जाता है?**
इस दिन का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति के जीवन में पिता के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करना है। यह अवसर हमें उस महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है जो पिता अपने बच्चों के विकास और भलाई में निभाते हैं। यह उनके बलिदानों का सम्मान करने और यह दिखाने का एक अवसर है कि हमारे जीवन में उनकी उपस्थिति कितनी अमूल्य है।

**Father’s Day का इतिहास: एक बेटी की दिल को छू लेने वाली कहानी**

जहाँ Mother’s Day सदियों से एक व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त अवधारणा रही है, वहीं Father’s Day की शुरुआत एक बेटी के संघर्ष और दृढ़ संकल्प से हुई थी। सोनोरा स्मार्ट डोड नाम की एक अमेरिकी महिला ने सबसे पहले 19 जून, 1910 को इस उत्सव की शुरुआत की थी।

सोनोरा के पिता अमेरिकी गृहयुद्ध के एक अनुभवी सैनिक थे। अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद, उन्होंने अकेले ही अपने छह बच्चों का पालन-पोषण किया। अपनी माँ की अनुपस्थिति में अपने पिता के अटूट प्रेम को देखकर, सोनोरा ने यह संकल्प लिया कि पिताओं के सम्मान के लिए भी एक विशेष दिन समर्पित होना चाहिए। वाशिंगटन के एक चर्च में एक छोटे से उत्सव के रूप में शुरू हुआ यह दिन अब जून के तीसरे रविवार को दुनिया भर में मनाया जाता है।

**डिजिटल युग में यह दिन कैसे मनाया जाता है?**

आज के दौर में, सोशल मीडिया और इंटरनेट ने हमारे त्योहार मनाने के तरीके को बदल दिया है:

**सोशल मीडिया:** लोग अपने बचपन की तस्वीरें साझा करते हैं और अपने पिताओं के लिए दिल को छू लेने वाले संदेश लिखते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग: इस दिन, लोग अपने पिता की पसंद के फ़िटनेस किट, गैजेट, स्मार्टवॉच, किताबें या कपड़े ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं।

क्वालिटी टाइम: जो लोग दूर रहते हैं, वे अपने पिता को वीडियो कॉल करते हैं या उनके साथ घूमने जाते हैं।

भारत में बढ़ता चलन
वैश्वीकरण के कारण, भारत के बड़े शहरों और छोटे कस्बों के युवाओं में 'फ़ादर्स डे' को लेकर काफ़ी उत्साह है। हालाँकि यह दिन कोई सरकारी छुट्टी नहीं है, फिर भी लोग इसे अपने 'साइलेंट हीरो' (पिता) के प्रति अपना आभार व्यक्त करने का एक विशेष अवसर मानते हैं।

तोहफ़े देना तो बस एक ज़रिया है; असल में, 'फ़ादर्स डे' तभी सचमुच सार्थक होता है, जब हम उन मूल्यों और जीवन के सबकों का सम्मान करते हैं, जो हमारे पिता ने हमें सिखाए हैं।