महाष्टमी का व्रत और कन्या पूजन कब करें, कब होगा नवमी का व्रत और कन्या पूजन
शारदीय नवरात्रि 2026 में अष्टमी और नवमी की तिथियों को लेकर भ्रम बना हुआ है। लाइव हिन्दुस्तान की 14 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, महाष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर को रखने की परंपरा बताई गई है, जबकि उदया तिथि मानने वाले श्रद्धालु 19 अक्टूबर को अष्टमी का कन्या पूजन कर सकते हैं। नवमी के लिए भी अलग-अलग पंचांगों में समय को लेकर अंतर है।
अष्टमी व्रत और कन्या पूजन
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महाष्टमी व्रत: 18 अक्टूबर 2026, रविवार को रखने की परंपरा बताई गई है।
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अष्टमी कन्या पूजन: कुछ पंचांगों के अनुसार 19 अक्टूबर, सोमवार को सुबह अष्टमी तिथि के दौरान किया जा सकता है।
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मां महागौरी की पूजा: अष्टमी तिथि पर की जाती है।
नवमी व्रत और कन्या पूजन
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महानवमी: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को मनाने की गणना भी प्रकाशित हुई है।
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नवमी कन्या पूजन: नवमी तिथि शुरू होने के बाद, स्थानीय पंचांग के अनुसार किया जा सकता है।
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मां सिद्धिदात्री की पूजा: नवमी तिथि पर की जाती है।
कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
दिल्ली के पंचांग पर आधारित एक प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 19 अक्टूबर को अष्टमी कन्या पूजन का समय सुबह 8:29 से 10:16 बजे तक बताया गया है। नवमी पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 बजे तक दिया गया है। ये समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार बदल सकते हैं।