कछुए की रिंग पहनने की सही विधि क्या है? जानें फायदे
फेंगशुई में कछुए को बहुत ही लकी मानते हैं। मान्यता है कि इसे घर में रखने से बरकत के साथ-साथ पॉजिटिविटी आती है। वहीं कछुए की रिंग का भी खूब चलन है। लोग इसे पहनना पसंद करते हैं। कछुए की रिंग को पहनने से फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और धैर्य के साथ-साथ सुख-समृद्धि आती है। हालांकि इसे सही तरीके से पहना जाए तभी ये अपना पूरा असर दिखाती है। तो अगर आप इस रिंग को पहनने की प्लानिंग कर रहे हैं तो जान लें कि इसके लिए किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत है? इसे किस उंगली में पहनने से लाभ मिलेगा और इसकी सही विधि क्या है?
फेंगशुई कछुए की रिंग पहनने की सही विधि
फेंगशुई नियम के हिसाब से कछुए की रिंग जब भी आप पहनें तो ध्यान रखें कि उसका मुंह सही दिशा की ओर हो। सही तरीका ये है कि रिंग ऐसे पहनें कि कछुए का सर आपकी साइड हो। अगर इस विधि से कछुए की रिंग पहनी जाती है तो इससे पैसा और पॉजिटिव एनर्जी अट्रैक्ट होती है। साथ ही इसे हमेशा दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में ही पहनें।
इस दिन पहनें फेंगशुई कछुए की रिंग
नियम के अनुसार कछुए की रिंग को हमेशा शुक्रवार के दिन पहन सकते हैं। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की उपासना की जाती है। मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए रिंग को सामने रख दें और पूजा के बाद इसे धारण कर लें। ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करते हुए इस रिंग को पहन लें। धारण करते हुए मन में पॉजिटिव सोच ही रखें। वैसे तो इस रिंग को आप किसी भी दिन पहन सकते हैं लेकिन शुक्रवार के दिन इसे पहनना शुभ माना जाता है।
फेंगशुई कछुए की रिंग पहनने के फायदे
1. इसे पहनने से जिंदगी में बरकत आने की मान्यता है। फाइनेंशियल स्टेबिलिटी आती है।
2. सही विधि से पहनने पर फेंगशुई रिंग करियर में अच्छी ग्रोथ देता है।
3. फेंगशुई कछुए की रिंग को लेकर ये भी मान्यता है कि इससे मन शांत रहता है।
4. ऐसी भी मान्यता है कि फेंगशुई की रिंग पहनने से काम पर फोकस बना पाना आसान हो जाता है।
फेंगशुई रिंग लेते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
जब भी आप इस रिंग को लें तो ध्यान रखें कि ये उंगली में आराम से आए। इसे बहुत ज्यादा टाइट ना पहनें। वैसे तो इसे किसी भी धातु में बनवा सकते हैं लेकिन चांदी की बनी रिंग को सबसे शुभ और अच्छा माना जाता है। आप अपनी पसंद और बजट के हिसाब से इसे चुनकर सही विधि के साथ धारण कर सकते हैं। ध्यान रखें कि इसकी साफ-सफाई भी नियमित रूप से करते रहें।